Home उत्तराखंड न्यूज़ प्रवासियों के लिए त्रिवेंद्र सरकार का बड़ा फैसला, राशन कार्ड किसी भी राज्य का हो अनाज मिलेगा
उत्तराखंड न्यूज़देहरादून

प्रवासियों के लिए त्रिवेंद्र सरकार का बड़ा फैसला, राशन कार्ड किसी भी राज्य का हो अनाज मिलेगा

मुख्यमंत्री ने प्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में अपना सहयोग दें। साथ ही सरकारी दिशानिर्देशों का अवश्य अनुपालन करें। हमें मिलकर इस महामारी को हराना है। उत्तराखंड सरकार अपने प्रत्येक प्रवासी के साथ है।

कोरोना संक्रमण के बाद 45 दिन से ज्यादा के लॉकडाउन के चलते बड़ी संख्या में उत्तराखंड लौट रहे प्रवासियों के लिए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि संकट के इस समय में उत्तराखंड सरकार अपने प्रत्येक प्रवासी के साथ है। उत्तराखंड लौटे प्रवासियों के लिए सरकार द्वारा राशन की उचित व्यवस्था की जाएगी। जिन लोगों के पास अन्य प्रदेशों के राशन कार्ड हैं, उन्हें भी उत्तराखंड आने पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। यह ठीक वैसा ही होगा जैसा कि सफेद और गुलाबी कार्ड के तहत दिया जाता है। जिन लोगों के पास कार्ड नहीं है, उन्हें आत्मनिर्भर भारत योजना के तहत लाभ मिलेगा। राज्य सरकार प्रति यूनिट पांच किलो चावल और एक किलो दाल निशुल्क देगी।

मुख्यमंत्री ने प्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने में अपना सहयोग दें साथ ही सरकारी दिशानिर्देशों का अवश्य अनुपालन करें। हमें मिलकर इस महामारी को हराना है।

Image may contain: 1 person

 

प्रवासियों की वापसी पर भी की बैठक

मुख्यमंत्री रावत ने शनिवार को सचिवालय में कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण के लिए अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाहरी राज्यों से उत्तराखंडवासी काफी संख्या में आ रहे हैं, ये जिन जिलों में आ रहे हैं, वहां पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जाए ताकि उत्तराखंड के सीमाई इलाकों पर स्क्रीनिंग का लोड कुछ कम हो सके। बाहर से आने वाले लोगों को जहां पर क्वारंटाइन किया जा रहा है, उसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाए। इसके लिए कर्मिकों की तैनाती की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना पर नियंत्रण के लिए सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क की अनिवार्यता का कड़ाई से पालन करवाया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि लोगों के पास मास्क की उपलब्धता हो। मास्क का इस्तेमाल न करने वालों एवं सार्वजनिक स्थानों पर थूकने वालों पर जुर्माने की कारवाई की जाए। बाहरी राज्यों के जो श्रमिक उत्तराखंड में हैं, अगर वो अपने राज्यों में वापस जाना चाहतें हैं, तो संबंधित राज्यों से जो वाहन आ रहे हैं, उन्हें उन वाहनों से भेजने की व्यवस्था की जाए।

आने वालों लोगों का पूरा डाटा रखने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाहरी राज्यों से जितने भी लोग आ रहे उनका पूरा डाटा रखा जाए। यह जानकारी होनी चाहिए कि उन्हें कहां पर क्वारंटाइन किया गया है। यदि इनमें से कोई कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो अन्य लोगों को भी ट्रेस किया जा सके। इसके लिए पुलिस द्वारा संबंधित लोगों को अलर्ट के लिए एसएमएस भेजने की व्यवस्था भी की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कंट्रओल रूम एवं आईटी सेक्टर को और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जिन लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है, ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है एवं पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, शैलेष बगौली, आईजी संजय गुंज्याल, निदेशक एनएचएम युगल किशोर पंत एवं डीजी स्वास्थ्य श्रीमती अमिता उप्रेती उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाहरी राज्यों से जितने भी लोग आ रहे उनका पूरा डाटा रखा जाए। यह जानकारी होनी चाहिए कि उन्हें कहां पर क्वारंटाइन किया गया है। यदि इनमें से कोई कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है तो अन्य लोगों को भी ट्रेस किया जा सके। इसके लिए पुलिस द्वारा संबंधित लोगों को अलर्ट के लिए एसएमएस भेजने की व्यवस्था भी की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कंट्रओल रूम एवं आईटी सेक्टर को और मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जिन लोगों को क्वारंटीन किया जा रहा है, ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम प्रधानों द्वारा अच्छा कार्य किया जा रहा है एवं पूरा सहयोग दिया जा रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश, डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी, सचिव अमित नेगी, नितेश झा, शैलेष बगौली, आईजी संजय गुंज्याल, निदेशक एनएचएम युगल किशोर पंत एवं डीजी स्वास्थ्य श्रीमती अमिता उप्रेती उपस्थित थे।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए रामशरण नौटियाल, जुबिन नौटियाल के पिता हैं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष

उत्तराखंड की राजनीति में सोमवार को एक अहम घटनाक्रम सामने आया। देहरादून...

उत्तराखंड में अगले चार महीने में 2000 पदों पर भर्ती की तैयारी, UKSSSC का परीक्षा कैलेंडर जारी

उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए महत्वपूर्ण...