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अटल आयुष्मान योजना के तहत बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने में स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी जौलीग्रांट बेस्ट

उत्तराखंड अटल आयुष्मान योजना के तहत जनता को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने वाले चिकित्सा संस्थानों एवं चिकित्सालयों को उत्कृष्ट सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में ये सम्मान प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने अटल आयुष्मान योजना के तहत स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी जौलीग्रांट को स्वर्ण प्रमाणपत्र, कृष्ण मेडिकल सेंटर देहरादून एवं चामुंडा हॉस्पिटल एंड लेप्रोस्कोपिक सेंटर काशीपुर को रजत प्रमाणपत्र तथा हंस फाउंडेशन जनरल हॉस्पिटल सतपुली को कांस्य प्रमाणपत्र से सम्मानित किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ऑल इंडिया मेडिकल सांइस ऋषिकेश समेत राज्य के 13 विभिन्न जिला एवं सामुदायिक केंद्रों एवं श्री मंहत इंद्रेश हॉस्पिटल सहित 5 अन्य निजी चिकित्सालयों को भी प्रशस्तिपत्र प्रदान किए। उन्होंने सम्मानित होने वाले चिकित्सा संस्थानों के योगदान की सराहना की। साथ ही आशा जताई कि भविष्य में भी ये अस्पताल अपनी सेवाओं का लाभ जनता को उपलब्ध कराने में मददगार होंगे।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य में स्वास्थ्य के क्षेत्र में इंश्योरेंस के बजाय ट्रस्ट के माध्यम से यह योजना लागू की गई है जिससे जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो रही है। राज्य में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उन्होंने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया के प्रयासों की भी सराहना की।

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सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि अटल आयुष्मान योजना के तहत उत्तराखंड अकेला राज्य है, जहां राज्य के 23 लाख परिवारों को इसके तहत स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। आज हिमाचल सहित कई अन्य राज्य उत्तराखंड की भांति इस योजना को अपने राज्य में लागू करने की सोच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस पर भी प्रसन्नता व्यक्त की कि इस योजना के अधीन एक हफ्ते में आवेदकों को देयों का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत धनराशि की व्यवस्था की गई है। योजना का लाभ ले चुके अनेक लोगों ने इस योजना को राज्य सरकार की मानव सेवा की महत्वपूर्ण पहल बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आम जनता तक इसकी जानकारी होना जरूरी है। इसके लिए व्यापक जन जागरूकता की जरूरत है। उन्होंने अस्पतालों को इस संबंध में अपने सुझाव भी देने को कहा।

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इस अवसर पर राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया ने कहा कि राज्य में अटल आयुष्मान योजना के तहत जिन हॉस्पिटल ने उल्लेखनीय कार्य किया है, यह उन्हें सम्मान देने का प्रयास है ताकि जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत पूर्व में राज्य के 5.37 लाख परिवार ही शामिल थे जबकि उत्तराखंड अटल आयुष्मान योजना के अंतर्गत 11 लाख परिवारों को भी शामिल किया गया है। 01 जनवरी 2021 से राज्य के 2.50 लाख कार्मिकों एवं पेंशनर्स को भी इस योजना में शामिल किया गया है। इस योजना में अब तक 41.70 लाख कार्ड बनाए जा चुके हैं। 2.36 लाख लोगों को इसका लाभ दिया जा चुका है जिस पर 270 करोड़ रुपये व्यय हो चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अन्तर्गत भुगतान संबंधी दावों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है।

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स्वामी राम हिमालयन यूनिवर्सिटी के प्रो. विजय धस्माना ने कहा कि राज्य के दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में यह योजना वरदान सिद्ध हुई है। वहीं एम्स ऋषिकेश के निदेशक प्रो. रविकांत ने इस योजना को राज्य सरकार की सराहनीय पहल बताते हुए इसमें प्री-सर्जरी, डायलिसिस आदि को भी शामिल करने का अनुरोध किया। उन्होंने इस योजना को स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम बताया।

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