Home उत्तराखंड न्यूज़ यह तस्वीर बहुत कुछ सिखाती है… पहाड़ पर असहाय मूक-बधिर दंपति के लिए राशन लेकर पहुंची पुलिस
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यह तस्वीर बहुत कुछ सिखाती है… पहाड़ पर असहाय मूक-बधिर दंपति के लिए राशन लेकर पहुंची पुलिस

उत्तराखंड का भौगोलिक परिदृश्य बिल्कुल अलग है। कहीं तराई तो कहीं पहाड़ और ऐसे ही एक पहाड़ पर रह रहा है एक मूक-बधिर दंपति। ना कुछ बोलना, ना कुछ सुनना बस इशारों में अभिव्यक्ति होती है। कोरोना काल में आजीविका के साधन छूट गए तो खाने की मुश्किल खड़ी हो गई....

यह तस्वीर कोरोना की इस संकट की घड़ी में बहुत कुछ सिखाती है। इंसान को इंसान बनने के लिए प्रेरित करती है। हो सकता है आपकी आंखों में आंसू आ जाए, सच पूछिए तो इस तस्वीर का मकसद किसी के आंसुओं को पोछना है। जी हां, यह दिल को झकझोर देने वाली दास्तान हैं।

पौड़ी-गढ़वाल जिले में पहाड़ पर बसा है मल्ली गांव। यहां एक मूक-बधिर दंपति अकेले रहता है। पता नहीं कितने जून की रोटी उन्हें नसीब नहीं हुई या कितनी मुश्किलों से गुजर-बसर हो रहा था। जैसे ही यह खबर उत्तराखंड पुलिस को मिली सतपुली थानाध्यक्ष इंसानियत के महामिशन ‘मिशन हौसला’ के तहत निकल पड़े किसी के आंसुओं को पोछने।

https://twitter.com/uttarakhandcops/status/1398145453456117761?s=20

अब यह वीडियो देखिए सीनियर पुलिस अधिकारी हाथ जोड़े है, पीछे पुलिसकर्मी कांधे पर उस मूक-बधिर दंपति के लिए खाने-पीने के सामान के रूप में खुशियां लेकर पहुंचा है। दूसरी तरह कोरोना के संकट में बदहाल वह पति-पत्नी हैं जो पहले से ही विशेष रूप से सक्षम थे पर इस समय मजबूरी ने लाचार बना दिया है।

पत्नी को जैसे ही पुलिस वाले दिखाई देते हैं वह खुशी से फूले नहीं समाती हैं और झट से पति को इशारे से संकेत देती है। पति पुलिसकर्मियों का हाथ जोड़कर स्वागत करता है और भावविभोर होकर सीनियर अधिकारी के कदमों में नतमस्तक होने के लिए झुकता है पर पुलिस के जवान उसे रोकते हैं और हाथ जोड़कर उनका आदर करते हैं।

उत्तराखंड पुलिस की ओर से जारी की गई यह सिर्फ एक तस्वीर नहीं है, यह एक पैगाम है उन लोगों के लिए जो सक्षम हैं, जो कोरोना काल में इतने सशक्त हैं कि दूसरों की मदद करे सकें तो कृपया अपने आसपास मजबूर, लाचार और बेसहारा लोगों की जरूर मदद करें। इसके साथ-साथ उत्तराखंड पुलिस को भी सूचना दें क्योंकि दिन-रात मिशन हौसला जारी है।

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Hill Mail

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