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ऋषिकेश में बोले पीएम मोदी, 25वें साल में उत्तराखंड कहां होगा, ये तय करने का ‘यही समय है, सही समय है’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऋषिकेश ऋषिकेश एम्स में ऑक्सीजन प्लांट का लोकार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने एम्स से वर्चुअल माध्यम से देशभर के मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों में स्थापित करीब 35 पीएसए ऑक्सीजन प्लांटों का लोकार्पण भी किया।

 

इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि केंद्र और राज्य में भाजपा सरकार का डबल इंजन उत्तराखंड को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। बाबा केदार की कृपा से उत्तराखंड में युवा नेतृत्व और युवा टीम विकास की नई इबारत लिखेगी। पीएम मोदी ने कहा कि अगले कुछ साल में उत्तराखंड अपने गठन के 25 वर्ष पूरे करेगा, उस समय उत्तराखंड कहां होगा, यह तय करने का यही समय है, सही समय है।

पीएम मोदी ने उत्तराखंड से अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा, आज से नवरात्र का पावन पर्व भी शुरु हो रहा है। आज प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा होती है। मां शैलपुत्री, हिमालय पुत्री हैं, और आज के दिन मेरा यहां होना, यहां आकर इस मिट्टी को प्रणाम करना, हिमालय की इस धरती को प्रणाम करना, इससे बड़ा जीवन में कौन सा धन्य भाव हो सकता है। आज के ही दिन 20 साल पहले मुझे जनता की सेवा का एक नया दायित्व मिला था। लोगों के बीच रहकर, लोगों की सेवा करने की मेरी यात्रा तो कई दशक पहले से चल रही थी, लेकिन आज से 20 वर्ष पूर्व, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मुझे नई जिम्मेदारी मिली थी।

 

पीएम मोदी ने कहा, इस बार टोक्यो ओलंपिक में देवभूमि ने भी अपना झंडा गाड़ दिया है। मैं आप सबको बधाई देता हूं, आप सब लोग अभिनंदन के अधिकारी हैं। उन्होंने कहा, उत्तराखंड की दिव्य धरा ने मुझ जैसे अनेक लोगों के जीवन की धारा को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस भूमि से मेरा नाता मर्म का है, कर्म का भी है, सत्व का भी है तत्व का भी है।

कोरोना से लड़ाई के लिए इतने कम समय में भारत ने जो सुविधाएं तैयार कीं, वो हमारे देश के सामर्थ्य को दिखाता है। सिर्फ 1 टेस्टिंग लैब से करीब 3 हजार टेस्टिंग लैब्स का नेटवर्क, मास्क और किट्स के आयातक से निर्यातक बनने का सफर हमने तय किया है। देश के दूर-दराज वाले इलाकों में भी नए वेंटिलेटर्स की सुविधाएं, मेड इन इंडिया कोरोना वैक्सीन का तेज़ी से और बड़ी मात्रा में निर्माण, दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे तेज़ टीकाकरण अभियान, भारत ने जो कर दिखाया है, वो हमारी संकल्पशक्ति, हमारे सेवाभाव, हमारी एकजुटता का प्रतीक है।

पीएम मोदी ने कहा कि सामान्य दिनों में भारत में एक दिन में 900 मीट्रिक टन, लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन का प्रोडक्शन होता था। डिमांड बढ़ते ही भारत ने मेडिकल ऑक्सीजन का प्रॉडक्शन 10 गुना से भी ज्यादा बढ़ाया। ये दुनिया के किसी भी देश के लिए अकल्पनीय लक्ष्य था, लेकिन भारत ने इसे हासिल करके दिखाया। उन्होंने कहा, ये हर भारतवासी के लिए गर्व की बात है कि कोरोना वैक्सीन की 93 करोड़ डोज लगाई जा चुकी है। बहुत जल्द हम 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर जाएंगे। भारत ने कोविन प्लेटफॉर्म का निर्माण करके पूरी दुनिया को राह दिखाई है कि इतने बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन किया कैसे जाता है। आज सरकार इस बात का इंतज़ार नहीं करती कि नागरिक उसके पास अपनी समस्याएं लेकर आएंगे तब कोई कदम उठाएंगे। सरकारी माइंडसेट और सिस्टम से इस भ्रांति को हम बाहर निकाल रहे हैं। अब सरकार नागरिक के पास जाती है।

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एम्स का जिक्र करते हुए पीएम मोदी बोले, 6-7 साल पहले तक सिर्फ कुछ राज्यों तक ही एम्स की सुविधा थी, आज हर राज्य तक एम्स पहुंचाने के लिए काम हो रहा है। 6 एम्स से आगे बढ़कर 22 एम्स का सशक्त नेटवर्क बनाने की तरफ हम तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। सरकार का ये भी लक्ष्य है कि देश के हर जिले में कम से कम एक मेडिकल कॉलेज जरूर हो।

यह भी देखें – सार्वजनिक जीवन में नरेंद्र मोदी के 20 साल पूरे, 7 अक्टूबर 2001 को बने थे गुजरात के सीएम, दस बड़े फैसले भी जानिये

उत्तराखंड के निर्माण का सपना अटल जी ने पूरा किया था। अटल जी मानते थे कनेक्टिविटी का सीधा कनेक्शन विकास से है। उन्हीं की प्रेरणा से आज देश में कनेक्टिविटी के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अभूतपूर्व स्पीड और स्केल पर काम हो रहा है। 2019 में जल जीवन मिशन शुरू होने से पहले उत्तराखंड के सिर्फ 1 लाख 30 हजार घरों में ही नल से जल पहुंचता था। आज उत्तराखंड के 7 लाख 10 हजार से ज्यादा घरों में नल से जल पहुंचने लगा है। यानि सिर्फ 2 वर्ष के भीतर राज्य के करीब-करीब 6 लाख घरों को पानी का कनेक्शन मिला है।

 

सैनिकों को जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, हमारी सरकार, हर फौजी, हर पूर्व फौजी के हितों को लेकर भी पूरी गंभीरता से काम कर रही है। ये हमारी ही सरकार है जिसने वन रैंक वन पेंशन को लागू करके अपने फौजी भाइयों की 40 साल पुरानी मांग पूरी की। जब फौज के वीर जवानों के पास आधुनिक हथियार होते हैं, अपनी रक्षा के लिए आधुनिक उपकरण होते हैं, तो वो उतनी ही आसानी से दुश्मन से मुकाबला कर पाते हैं। हमारी सरकार ने रक्षा क्षेत्र में जो आत्मनिर्भरता का अभियान चलाया है, वो भी फौजी साथियों को बहुत मदद करने वाला है।

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