हाल ही में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले आईआरएस अधिकारी विपिन चंद्र घिल्डियाल ने उत्तराखंड राज्य सूचना आयोग में नए सूचना आयुक्त के तौर पर शपथ ले ली है। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रिटा.) के आदेशानुसार राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने उन्हें शपथ दिलवाई। सरकार ने कुछ समय पहले मुख्य सूचना आयुक्त और दो सूचना आयुक्तों की नियुक्ति की थी। राज्यपाल द्वारा पूर्व नौकरशाह अनिल चंद्र पुनेठा को राज्य का मुख्य सूचना आयुक्त और विवेक शर्मा को राज्य सूचना आयुक्त की शपथ दिलाई गई थी। वहीं दूसरे सूचना आयुक्त बनाए गए विपिन चंद्र घिल्डियाल मुख्य आयकर आयुक्त के पद पर होने के चलते उस समय शपथ नहीं ले सके थे।

विपिन चंद्र का राजस्व सेवा के बेहतरीन अधिकारियों में शुमार होता है। नई जिम्मेदारी संभालने के लिए उन्होंने रिटायरमेंट से चार महीने पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ली। जुलाई 2021 में उन्हें उत्तराखंड का चीफ इनकम टैक्स कमिश्नर बनाया गया था।

पौड़ी के रिखणीखाल के डाबरी गांव के मूल निवासी विपिन चंद्र ने 8वीं तक की शिक्षा गांव के ही जूनियर हाई स्कूल में ली। इसके बाद उन्होंने नौवीं से 12वीं तक की पढ़ाई राजकीय इंटर कॉलेज कोटद्वार में की। संयुक्त उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडियट की परीक्षा में वह टॉप-10 टॉपरों में रहे। उन्होंने हाईस्कूल में दसवीं और इंटर में छठी पोजिशन हासिल की। उन्होंने गढ़वाल के हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री भी ली है। उन्होंने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से 1985 में फिजिक्स में एमएससी की। इसके बाद 1988 में इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी से फॉरेस्ट्री में मास्टर डिग्री हासिल की। उन्होंने गढ़वाल यूनिवर्सिटी से 2010 में फिलास्फी में पीएचडी भी किया।
आईआरएस में चयन के बाद उन्होंने देश के अलग-अलग हिस्सों जैसे उज्जैन, मुजफ्फरनगर और नई दिल्ली में इनकम टैक्स आयुक्त (अपील) का दायित्व भी निभाया। विपिन चंद्र 2004 से 2021 तक केंद्र सरकार में प्रतिनुयक्ति पर रहे। वर्ष 2004 से 2009 तक सर्वे ऑफ इंडिया में निदेशक प्रशासन एवं वित्त के पद पर रहे। साल 2017 से 2021 तक वह केंद्रीय अर्थ साइंस विभाग में संयुक्त सचिव रहे। उन्होंने नेशनल रिसर्च एंड डेवलपमेंट कारपोरेशन (एनआरडीसी) के अध्यक्ष एवम प्रबंध निदेशक का जिम्मा भी संभाला।

उनके पिता चंद्रमणि घिल्डियाल प्रतिष्ठित ज्योतिषी एवं सामाजिक कार्यकर्ता थे। विपिन चंद्र की पत्नी डा. तूलिका चंद्रा एमकेपी पीजी कॉलेज देहरादून में अर्थशास्त्र की प्रोफेसर हैं। उनके बेटे देवाशीष ने बीआईटीएस पिलानी से इंजीनियरिंग करने के बाद अमेरिका के प्रसिद्ध हार्वर्ड विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर की डिग्री ली और वहीं सेवारत हैं। वहीं बेटी तनुश्री दिल्ली विश्वविद्यालय के श्रीराम कॉलेज ऑफ कामर्स से ग्रेजुएशन एवं दिल्ली स्कूल ऑफ एकनॉमिक्स से अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर डिग्री हासिल करने के बाद नीति आयोग में कार्यरत है। चार भाइयों में सबसे छोटे विपिन चंद्र सिविल सर्विसेज में जाने में सबसे बड़ा योगदान अपने गुरु और जीआईसी कोटद्वार के तत्कालीन प्रिसिंपल राम प्रसाद ध्यानी का बताते हैं। विपिन चंद्र घिल्डियाल ने गढ़वाल यूनिवर्सिटी के इनवॉयरमेंटल साइंस विभाग के पूर्व प्रमुख आरसी शर्मा के साथ ‘नेचुरल रिसोर्सेस एंड दियर मैनेजमेंट इन गढ़वाल हिमालया’ भी लिखी है।


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