Home उत्तराखंड न्यूज़ अनिल बलूनी बोले – कैंसर को हराकर आया हूं, अब गढ़वाल की सेवा में लगा हूं
उत्तराखंड न्यूज़ताज़ा ख़बरपौड़ी गढ़वाल

अनिल बलूनी बोले – कैंसर को हराकर आया हूं, अब गढ़वाल की सेवा में लगा हूं

उत्तराखंड में 19 अप्रैल को पहले चरण में ही लोकसभा की पांचों सीटों के लिए मतदान होना है। यह उत्तराखंड का पांचवां लोकसभा चुनाव है। इनदिनों अनिल बलूनी अपने चुनाव-प्रचार में व्यस्त हैं। जगह-जगह उनका स्वागत हो रहा है और जनता उन्हें अपने बीच पाकर खुश हो रही है।

अनिल बलूनी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। उन्हें इस सीट पर बीजेपी ने पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की जगह टिकट दिया है। उन्होंने नामांकन से पहले कंडोलिया देवता के मंदिर में माथा टेका और जीत का आशीर्वाद लिया। उत्तराखंड में 19 अप्रैल को पहले चरण में ही लोकसभा की पांचों सीटों के लिए मतदान होगा। यह उत्तराखंड का पांचवां लोकसभा चुनाव है। इनदिनों अनिल बलूनी अपने चुनाव-प्रचार में व्यस्त हैं। जगह-जगह उनका स्वागत हो रहा है और जनता उन्हें देखकर खुशी व्यक्त कर रही है। चुनाव की व्यस्तता के बीच ‘हिल मेल’ ने अनिल बलूनी से खास बातचीत की और उनकी दिनचर्या जानी।

सुबह उठकर करते हैं योग फिर नाश्ता में लेते हैं पहाड़ी खाना

अनिल बलूनी सुबह उठकर सबसे पहले प्रकृति की गोद में ध्यान और योग करते हैं। वह नाश्ते में पहाड़ी खाना पसंद करते हैं। उनकी पत्नी कुमाऊं से है और वो गढ़वाल से जिस कारण उनके घर में गढ़वाल और कुमाऊं दोनों इलाकों का खाना बनता है। उनका कहना है कि अगले बीस दिनों तक उनका एक ही मिशन है वो है पांच लाख से ज्यादा वोटों से चुनाव जीतना। वह सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक प्रचार में लगे रहते हैं। अनिल बलूनी कहते हैं कि कांग्रेस नेताओं के पास कोई मुद्दे नहीं है जिस कारण वो उल्टी-सीधी बयानबाजी कर रहे हैं। वे कभी मोदी जी तुलना ओरंगजेब से कहते हैं तो कभी हमारी महिला नेता पर टिप्पणी करते हैं।

मैं गढ़वाल के लिए समर्पित हूं, कैंसर को हराकर आया हूं

अनिल बलूनी का कहना है कि वह कैंसर को हराकर आए हैं और उनका जीवन अब गढ़वाल के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि कैंसर को हराकर मैंने नया जीवन पाया है। अब मैं गढ़वाल के विकास में लगा हूं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पास देशभर में 35 सीट भी नहीं हैं जो वे जीत पाएं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों का उत्तराखंड में असर दिखता है। यह चुनाव बहुत अलग है क्योंकि इसे जनता लड़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों से प्रभावित होकर लोग आज भाजपा के पक्ष में खड़े हैं। उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि पौड़ी लोकसभा सीट पर भाजपा 5 लाख के अंतर से चुनाव जीतेगी।

अगर आप राम और सनातन धर्म को गाली देंगे तो नेस्तनाबूद हो जाएंगे

अनिल बलूनी कहते हैं कि हम सनातन धर्म के साथ हैं। कुछ लोग सनातन धर्म पर सवाल उठाते हैं। इस देश के अंदर अगर आप राम और सनातन धर्म को गाली देंगे तो नेस्तनाबूद हो जाएंगे। अनिल बलूनी अपने चुनाव प्रचार के दौरान देश के प्रथम सीडीएस जनरल विपिन रावत के गांव भी गए। उन्होंने सैंणगांव जाकर स्वर्गीय जनरल विपिन रावत के परिवार के लोगों से मुलाकात की और उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। उन्होंने स्वर्गीय जनरल विपिन रावत की चाची सुशीला देवी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

उन्होंने कहा कि मेरे द्वारा शुरू किए गए ‘अपना वोट अपना गांव अभियान’ की जनरल साहब ने खूब प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा कि देशप्रेमियों के लिए जनरल रावत का गांव तीर्थस्थल है। मैं इस मिट्टी को नमन करता हूं, जिसने भारत को एक महान लाल दिया। उन्होंने अपने प्रचार अभियान के दौरान यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की माता जी के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद भी लिया। वह योगी आदित्यनाथ के पैतृक गांव ग्राम पंचूर पहुंचे थे।

अनिल बलूनी के नामांकन के दौरान केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और पौड़ी से मौजूदा सांसद तीरथ सिंह रावत उपस्थित रहे। पौड़ी जिले के रहने वाले अनिल बलूनी का जन्म 2 सिंतबर 1972 को नकोट गांव में हुआ था। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वे कॉलेज के दिनों से ही राजनीति में सक्रिय हो गए थे। उन्हें संघ का करीबी माना जाता है। बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय संगठन महामंत्री सुंदर सिंह भंडारी जब बिहार के राज्यपाल बने तब बलूनी उनके ओएसडी थे। इसके बाद वह जब गुजरात के राज्यपाल बनाए गए तो अनिल बलूनी उनके साथ गुजरात चले गए और इसी दौरान वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के करीब आए। वह बीजेपी के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता और मीडिया हेड हैं।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

HillMail Magazine – September 2026

HillMail Sep 2026
पत्रिकाओं के सभी अंक देखें

Related Articles

उत्तराखंड में 19 अक्टूबर को महानवमी पर सार्वजनिक अवकाश, मुख्यमंत्री धामी ने दी शुभकामनाएं

उत्तराखंड में शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर सोमवार, 19 अक्टूबर...

पौड़ी में ARTO की बड़ी कार्रवाई, ऐप से बुक की बाइक तो खुली पोल; दो निजी बाइकें सीज

उत्तराखंड के पौड़ी जिले में ऐप आधारित राइड सर्विस के जरिए निजी...