नदियों-नालों को पुनर्जीवित करने के लिए विभागीय सहयोग और जनभागीदारी जरूरी : त्रिवेन्द्र

नदियों-नालों को पुनर्जीवित करने के लिए विभागीय सहयोग और जनभागीदारी जरूरी : त्रिवेन्द्र

आज के समय में प्लास्टिक का अंधाधुंध उपयोग और उसका लापरवाही से नदी-नालों में फेंका जाना न केवल पर्यावरण को गहरे ज़ख्म दे रहा है, बल्कि यह मानवीय जीवन के लिए गंभीर बीमारियों को भी न्यौता दे रहा है।

बाण गंगा नदी को पुनर्जीवित करने को लेकर हरिद्वार सांसद और पूर्व सीएम त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने बीते 19 अप्रैल 2025 को लक्सर, हरिद्वार से इसकी शुरुआत की है। इस अभियान में पार्टी कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में जनसहभागिता देखने को मिली, स्वयं सांसद हरिद्वार ने कार्यक्रम के अंतिम तक मोर्चे को संभाले रखा। मैली पाडी बाण गंगा में सबके साथ उतरकर स्वयं सांसद बाण गंगा नदी को साफ करते दिखे।

इस अभियान के संबंध में आज हरिद्वार में बाण गंगा नदी के पुनर्जीवन को लेकर सांसद ने हरिद्वार जिले के सिंचाई, खनन, वन विभाग के अधिकारीयों के साथ बाण गंगा को उसके पुराने स्वरूप में लौटने, नदी को स्वच्छ, निर्मल और सुन्दर बनाने को लेकर परामर्श किया। साथ ही उनके द्वारा बाण गंगा नदी का संपूर्ण सर्वेक्षण और इसकी कार्य योजना तैयार करने करने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अग्रणी रहकर इस अभियान को सफल बनाने पर बल दें, ठोस कदम उठाएं। सांसद ने कहा कि जहां विभागीय सहयोग और जनभागीदारी मिलती है वहां परिणाम सुखद मिलते हैं।

उन्होंने कहा कि आज के समय में प्लास्टिक का अंधाधुंध उपयोग और उसका लापरवाही से नदी-नालों में फेंका जाना न केवल पर्यावरण को गहरे ज़ख्म दे रहा है, बल्कि यह मानवीय जीवन के लिए गंभीर बीमारियों को भी न्यौता दे रहा है। सांसद ने कहा कि जब भी किसी को नदियों-नालों में प्लास्टिक फेंकते देखता हूं, तो लगता है मानो किसी ने सीने पर खंजर घोप दिया। उन्होंने कहा कि हमें पर्यावरण की चिंता करते हुए आज से ही जल-जंगल-जमीन पर हो रहे मानवीय दंश को बन्द करना होगा तब जाकर ही भावी पीढ़ी को हम स्वच्छ, सुन्दर और खुशहाल वातावरण दे पाएंगे।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

  • यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित

    यमकेश्वर के लाल और उत्तराखंड के गौरव पत्रकार मनजीत नेगी सीडीएस कमेंडेशन पत्र से हुए सम्मानित0

    सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ कमेंडेशन मेडल और प्रशंसा पत्र से किया सम्मानित, आजतक के कार्यकारी संपादक मनजीत नेगी को रक्षा क्षेत्र में उनकी निर्भीक पत्रकारिता के लिए चीफ ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया गया। सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित होने वाले ये देश के एक मात्र रक्षा पत्रकार हैं। सीडीएस ऑफ़ डिफेंस स्टाफ़ जनरल अनिल चौहान ने ३० मई को सेवानिवृत होने से पूर्व कई तीनों सेनाओं के कई अधिकारियों और जवानों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने सेनाओं के अलावा समाज के अलग अलग क्षेत्रों में बेहतरीन कार्य करने वाले कुछ चुनिंदा लोगों को सीडीएस कमनडेशन मेडल से सम्मानित किया। मनजीत नेगी उनमें से एक हैं। मनजीत नेगी पत्रकारिता के क्षेत्र में। पिछले 25 साल से कार्यरत हैं।

    READ MORE
  • अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट

    अंडमान में मानसून की दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर; 22 मई तक हीटवेव का अलर्ट0

    देश में मौसम ने दो अलग-अलग रंग दिखाने शुरू कर दिए हैं। एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में दस्तक देकर बारिश की उम्मीद जगा दी है, वहीं दूसरी ओर उत्तर और मध्य भारत के कई राज्य भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं। भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में 22 मई तक लू चलने का अलर्ट जारी किया है।

    READ MORE
  • ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ

    ऑपरेशन सिंदूर का शेर: स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की वीरता ने दुश्मन के दिल में पैदा किया खौफ0

    भारतीय वायुसेना के जांबाज योद्धाओं की बहादुरी की कहानियां हमेशा देशवासियों के भीतर गर्व और राष्ट्रभक्ति की भावना जगाती रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है स्क्वाड्रन लीडर रिजवान मलिक की, जिन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान अदम्य साहस, असाधारण नेतृत्व और अद्भुत युद्ध कौशल का परिचय देकर भारतीय वायुसेना का मान बढ़ाया। दुश्मन के इलाके में आधी रात को अंजाम दिए गए इस बेहद जोखिम भरे मिशन में उन्होंने जिस धैर्य और सटीकता के साथ कार्रवाई की, वह आज भारतीय सैन्य इतिहास में वीरता की मिसाल बन चुकी है।

    READ MORE

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this