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नरभक्षी गुलदार का अंत, जॉय की गोली से 36वां आदमखोर ढेर

हिल मेल ब्यूरो, देहरादून

पौढ़ी गढ़वाल में श्रीनगर और रुद्रप्रयाग जिले के कई इलाकों में पिछले कई महीनों से लोगों की नींद हराम कर रखे गुलदार का आखिरकार सोमवार को अंत हो गया। 2 महीने के भीतर ही यह गुलदार चार लोगों को अपना शिकार बना चुका था। 9 जनवरी को धारी गांव में इसने एक महिला को शिकार बनाया था। ऐसे में इलाके के लोग खौफ के साए में जीने को मजबूर थे। हालांकि आज पौड़ी के मशहूर शिकारी जॉय हुकिल ने इस नरभक्षी गुलदार को मार गिराया।

मचान बनाकर गुलदार का किया इंतजार

यह गुलदार कई बार चकमा दे चुका था। वन विभाग ने आखिरकार जॉय को तैनात किया। एक दिन पहले भी इस गुलदार ने एक बछिया को शिकार बनाया था। जॉय आदमखोर गुलदार को शूट करने के लिए घटनास्थल के पास ही मचान बनाकर उसके आने का इंतजार कर रहे थे। एक अन्य शिकारी टीम के साथ क्षेत्र की गश्त पर थे।

जॉय की गोली से 36वां शिकार

आखिरकार सोमवार को शूटर्स की टीम को सफलता मिली। आपको बता दें कि जॉय हुकिल की गोली से ढेर हुआ यह 36वां शिकार है। आदमखोर के मारे जाने के बाद बडियारगढ़, चौरास, धारी क्षेत्र के लोगों ने राहत की सांस ली है।

बताया जा रहा है कि जॉय हुकिल रुद्रप्रयाग क्षेत्र में भी इस गुलदार का पीछा कर चुके थे और उस पर फायर भी किए थे लेकिन जख्मी होने के बाद भी गुलदार का पता नहीं चला। अधिकारियों के मुताबिक सोमवार सुबह शिकारी जॉय हुकिल की गोली का शिकार हुआ गुलदार नर था और उसकी उम्र करीब 8 साल थी।

जॉय हुकिल के बारे में जानिए

कुमाऊं और गढ़वाल के पहाड़ों को नरभक्षी जानवरों से निजात दिलाने वाले मशहूर शिकारी जॉय हुकिल को सरकार ने इस काम के लिए नियुक्त किया है। उन्हें न ही इसके लिए वेतन मिलता है और न सुरक्षा। 36वें आदमखोर को मारने के साथ ही उनका नाम एक बार फिर चर्चा में है। वह नरभक्षी जानवर तक पहुंचने के लिए कई तरह की आवाजें भी निकालने में माहिर हैं। वह इस काम को समाज सेवा की तरह करते हैं।

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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