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अप्रैल में वेलनेस समिट, निवेशकों से बोले CM रावत- उत्तराखंड आपके स्वागत को तैयार

हिल मेल ब्यूरो

उत्तराखंड में पहली बार आयोजित होने जा रहे वेलनेस समिट 2020 को लेकर ‘मुंबई रोडशो’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड के आध्यात्म कनेक्शन को समझाते हुए निवेशकों को समिट में आने और निवेश का न्योता दिया। सीएम ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की अपनी आध्यात्मिक विरासत है। राज्य के गांवों में तमाम देवी-देवता, उनके नाम से नदियां और पहाड़ हैं। माना जाता है कि पांडवों के वनवास का ज्यादातर समय यहीं पर बीता।

उन्होंने कहा कि देहरादून जिले में यमुना के किनारे लाक्षागृह के अवशेष आज भी मिलते हैं। हमारे पारंपरिक उत्सवों और लोकगीतों में यह सब भरा पड़ा है। शिवजी के विवाह का स्थल त्रियुगीनारायण गांव में मंदाकिनी और गंगा के मिलन स्थल पर संपन्न हुआ था। जैसे-जैसे लोगों को जानकारी हो रही है, वह स्थान विवाह स्थल के रूप में विकसित हो रहा है। मुंबई से जाकर भी कई लोगों ने वहां पर अपनी शादी की है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि वेलनेस में आध्यात्म की बड़ी भूमिका है। बिना आध्यात्मिकता के सुख और शांति की प्राप्ति असंभव तो नहीं पर जटिल है। आध्यात्म हमारा रास्ता सरल बना देता है। इस दौरान सीएम ने नेहरू और गांधी जी के बीच के एक प्रसंग का जिक्र किया। त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा, ‘गांधी जी एक बार आनंद भवन इलाहाबाद गए, तब जवाहरलाल नेहरू छोटे थे। नेहरू जी गांधी जी के हाथ धुलवा रहे थे पर उनका ध्यान कहीं और था और पूरा पानी गिर गया। गांधी जी ने कहा, जवाहर क्या कर रहे हो, सारा पानी तुमने गिराया दिया। नेहरू ने कहा कि क्या हुआ बाबा, पास में ही गंगाजी बहती हैं। क्या फर्क पड़ रहा है। गांधी बोले- गंगाजी आपके लिए अकेले नहीं हैं, उस पर बहुत से लोगों का अधिकार है।’

सीएम ने कहा कि आध्यात्मिक वातावरण से वेलनेस का रास्ता सरल हो जाता है। प्राकृतिक सुंदरता, 12 महीने बर्फ से ढके रहने वाले पहाड़, हिमालय की वादियां, मैदानी हिस्से में हाथी, टाइगर भी आपको देखने मिल जाएंगे। जब लोग गर्मी में तप रहे होते हैं तो उत्तराखंड में कई ऐसी जगहें हैं, जहां गर्मी का अहसास ही नहीं होगा। रावत ने कहा कि हम उत्तराखंड को 12 महीने पर्यटन के लिहाज से विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं।

https://www.facebook.com/uttarakhand.awellnessparadise/videos/531668077471931/

 

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को मिली प्रकृति की देन हमें एक संदेश देती है और यही बुलावा देने हम आपके बीच आए हैं। देहरादून में 17-18 अप्रैल को समिट प्रस्तावित है। मैं आपको विश्वास दिलाने आया हूं कि उत्तराखंड में हम आपके लिए हमेशा उपलब्ध हैं। हमने प्रयास किया है कि जो भी निवेशक हमारे राज्य में आता है तो उसके साथ मित्र की तरह व्यवहार होना चाहिए। निवेशक की कॉल हमारे लिए स्वागतयोग्य होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि मैं भी आपको विश्वास दिलाता हूं कि मेरे पास अगर आपका नंबर सेव है तो मैं बैक करता हूं। आप लोग जब भी याद करेंगे, हम आपके लिए उपलब्ध रहेंगे। ऋषिकेश योग और वेलनेस की राजधानी बनता जा रहा है। प्रदेश में सिंगल विंडो सिस्टम है। राज्य में 20 हजार लोग योग के जानकार हैं।

आपको बता दें कि वेलनेस समिट का आयोजन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के ऑडिटोरियम में किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका शुभारंभ करेंगे। आयोजन पर करीब 25 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।

Written by
Y S Bisht

लखनऊ यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद कई टीवी प्रोग्राम के लिए काम किया। एशिया डिफेंस न्यूज़ इंटरनेशनल (अडनी) से जुड़े। यह एजेंसी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू, मणिपुरी और असमिया में अपनी सेवाएं देती है। इसके अलावा एशिया डिफेंस न्यूज के नाम से एक मासिक पत्रिका भी निकालती थी। वर्ष 2013 में जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर हिल-मेल वेबसाइट शुरू की। फरवरी 2016 से हिल-मेल में बतौर संपादक कार्यरत। मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के निवासी हैं।

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