असम राइफल्स पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए बना आशा, सम्मान और सेवा का सेतु

असम राइफल्स पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए बना आशा, सम्मान और सेवा का सेतु

महानिदेशालय असम राइफल्स ने शिलांग में एक विशेष ‘वेटरन्स सेल’ की स्थापना की है। जो न केवल प्रशासनिक कार्य करते हैं, बल्कि सीधे राज्यों में जाकर पूर्व सैनिकों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनते हैं और आवश्यक मदद पहुंचाते हैं।

‘सेवानिवृत्ति एक अंत नहीं, बल्कि एक नए सम्मानजनक जीवन की शुरुआत है’ – इस भावना को केंद्र में रखकर, महानिदेशक असम राइफल्स ने एक ऐसी अनूठी पहल की शुरुआत की, जो आज हजारों पूर्व सैनिकों, वीर नारियों, विधवाओं और उनके परिवारों के जीवन में एक नई आशा की किरण बनकर उभरी है।

एक विचार जो बना मिशन – पूर्व सैनिकों से सीधा जुड़ाव

असम राइफल्स के भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से प्राप्त फीडबैक, रैलियों और ARESA सम्मेलन के दौरान सामने आई समस्याओं ने यह स्पष्ट किया कि ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में बसे कई पूर्व सैनिक उपेक्षित और अनसुने महसूस करते हैं। इसी के समाधान के रूप में जन्म हुआ – ‘आउटरीच ड्राइव अभियान’ का।

यह सिर्फ एक औपचारिक योजना नहीं, बल्कि एक संवेदनशील और मानवीय मिशन है – जिसमें सैनिकों के सेवा के बाद के जीवन को बेहतर बनाना, उनकी शिकायतों को सुनना और तत्काल सहायता पहुंचाना ही मुख्य उद्देश्य है।

मुख्यालय DGAR में ‘वेटरन्स सेल’ की स्थापना

इस मिशन को जमीनी स्तर पर कार्यान्वित करने हेतु महानिदेशालय असम राइफल्स, शिलांग में एक विशेष ‘वेटरन्स सेल’ की स्थापना की गई। इसमें 2 अधिकारी और 6 क्लर्क नियुक्त किए गए, जो न केवल प्रशासनिक कार्य करते हैं, बल्कि सीधे राज्यों में जाकर पूर्व सैनिकों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनते हैं और आवश्यक मदद पहुंचाते हैं।

उत्तराखंड से मिज़ोरम तक – सेवा और संवेदना का विस्तार

वेटरन्स सेल की पहली यात्रा उत्तराखंड में हुई – जहां केवल चार दिन की ड्राइव में ही 5 आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए गए और 400 से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। यह यात्रा न केवल दस्तावेज़ी कार्य रही, बल्कि टीम ने घर-घर जाकर बिस्तर पर पड़े बुजुर्ग पूर्व सैनिकों से मुलाकात की, उनकी दवाईयों, व्हीलचेयर जैसी जरूरतों का तुरंत समाधान किया और भावनात्मक सहयोग भी प्रदान किया।

इस सफलता से प्रेरित होकर यह मिशन अब तक पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, असम और मिज़ोरम जैसे राज्यों में भी संचालित किया गया है।

कुल शिकायतें दर्ज: 892

घर जाकर व्यक्तिगत दौरे: 21 (बिस्तर पर पड़े पूर्व सैनिक व विधवाएं)
चिकित्सीय सहायता प्राप्त करने वाले: 599 पूर्व सैनिक व निकट संबंधी (NOKs)

दूरदराज़ क्षेत्रों तक पहुंच – एक मिशन का व्यापक प्रभाव

यह अभियान विशेष रूप से उन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जो पर्वतीय, सीमावर्ती या ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं और जिन्हें अक्सर न तो चिकित्सा सुविधाएं समय पर मिलती हैं, न ही उनकी शिकायतें सुनी जाती हैं।

इस अभियान ने न केवल संस्था और पूर्व सैनिकों के बीच की दूरी को कम किया है, बल्कि यह एक भावनात्मक जुड़ाव का भी माध्यम बन गया है। कई वीर नारियों और विधवाओं ने भावुक होकर टीम का स्वागत किया, क्योंकि उन्हें पहली बार लगा कि संस्थान उन्हें भूली नहीं है।

भविष्य की दिशा – भारत और नेपाल तक विस्तार

मुख्यालय DGAR का वेटरन्स सेल यह ड्राइव अब भारत के शेष राज्यों और नेपाल तक विस्तार देगा। नेपाल में भी बड़ी संख्या में असम राइफल्स के पूर्व सैनिक बसे हुए हैं और उन्हें भी यह सहायता सुलभ कराना प्राथमिकता है। इसका उद्देश्य स्पष्ट है – ‘कोई पूर्व सैनिक या आश्रित बिना सहायता के न रहे।’

डिजिटल युग का समाधान – संपर्क सेतु ऐप

असम राइफल्स ने सिर्फ फिजिकल आउटरीच तक सीमित न रहते हुए, एक डिजिटल समाधान भी प्रस्तुत किया है – ‘संपर्क सेतु’ मोबाइल ऐप। यह ऐप न केवल एक शिकायत निवारण मंच है, बल्कि इसमें पूर्व सैनिकों के लिए योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों और पेंशन संबंधित जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है।

अब तक पंजीकृत पूर्व सैनिक: लगभग 5,000

प्रमुख विशेषताएं:

  • ऑटोमेटेड शिकायत प्रणाली
  • रीयल-टाइम ट्रैकिंग
  • सूचनाओं की समय पर अपडेट
  • कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी

एक परिवार, एक भावना

असम राइफल्स का यह अभियान दर्शाता है कि ‘एक बार सैनिक, हमेशा सैनिक’ सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि संस्था की मूल भावना है। यह पहल न केवल समस्याओं का समाधान है, बल्कि एक संबंध और भरोसे का निर्माण भी है। असम राइफल्स पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के साथ खड़ी है – हर परिस्थिति में, हर मोड़ पर।

Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this