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हरीश राणा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं। वर्ष 2013 में वे इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे और उस समय पंजाब यूनिवर्सिटी से जुड़े। उसी दौरान एक दिन उनके जीवन में ऐसा हादसा हुआ जिसने सब कुछ बदल दिया।
READ MOREउत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगायक और संस्कृतिकर्मी दीवान कनवाल के निधन से पूरे कुमाऊं क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। लोकगीत रसिकों को अपनी मधुर आवाज से दीवाना बनाने वाले इस कलाकार के जाने से सांस्कृतिक जगत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। अल्मोड़ा सहित आसपास के कस्बों और शहरों में उनके प्रशंसकों, कलाकारों और आम लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
READ MOREपहाड़ों में व्यापक रूप से दिखाई देने वाला चीड़ का पेड़ प्रकृति का एक अनमोल उपहार माना जाता है। उत्तराखंड सहित हिमालयी क्षेत्रों में यह पेड़ बड़ी संख्या में पाया जाता है और पर्यावरण के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चीड़ के पेड़ आसपास की हवा को शुद्ध और ताज़ा बनाने में मदद करते हैं, जिससे पहाड़ों का वातावरण स्वच्छ और सुहावना बना रहता है।
READ MOREपहाड़ी क्षेत्रों में तेजी से बढ़ रहा मानव-वन्यजीव संघर्ष चिंता का विषय बनता जा रहा है। जंगलों का क्षेत्र घटने और मानव बस्तियों के विस्तार के कारण जंगली जानवर अक्सर आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने लगे हैं।
READ MOREउत्तराखंड में आगामी जनगणना की तैयारियों के तहत 25 अप्रैल से राज्यभर में मकानों की गणना और सूचीकरण का कार्य शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत सरकारी टीमें घर-घर जाकर प्रत्येक मकान का रिकॉर्ड तैयार करेंगी और उसकी स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाएंगी।
READ MOREउत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया क्षेत्र से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां सामाजिक कार्यकर्ता शंकर सिंह बिष्ट ने जल संरक्षण और प्रकृति संरक्षण के लिए एक जनभागीदारी आधारित अभियान शुरू किया है।
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विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर 127 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी) ईको गढ़वाल राइफल्स, जिसे “गढ़वाल ग्रीनर्स” के नाम से जाना जाता है, द्वारा उत्तराखण्ड में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से 02 से 05 जून तक पर्यावरण सप्ताह का व्यापक आयोजन किया गया। “भागीदारी और जिम्मेदारी” विषय पर आधारित इस अभियान के अंतर्गत देहरादून, सहिया और कस्याली सहित विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अनेक गतिविधियों का सफल संचालन किया गया।
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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तरकाशी जिले में मां गंगा के संरक्षण और स्वच्छता को समर्पित एक वृहद गंगा स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। गंगा विचार मंच नमामि गंगे उत्तराखण्ड के प्रांत संयोजक लोकेंद्र सिंह बिष्ट के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में प्रशासन, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तरकाशी स्थित मां गंगा के पावन तट केदारघाट में किया गया, जहां सैकड़ों लोगों ने मिलकर स्वच्छता का संदेश दिया और गंगा को निर्मल एवं अविरल बनाए रखने का संकल्प लिया।
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