[fvplayer id=”10″]
उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया क्षेत्र से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां सामाजिक कार्यकर्ता शंकर सिंह बिष्ट ने जल संरक्षण और प्रकृति संरक्षण के लिए एक जनभागीदारी आधारित अभियान शुरू किया है।
READ MOREउत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों से उठी न्याय की एक आवाज अब देश की राजधानी तक पहुंचने की राह पर है। एक ओर जहां देश के जवान सीमाओं पर तैनात होकर राष्ट्र की सुरक्षा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके परिवार के लोग अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
READ MOREहेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय (एचएनबीजीयू) का 12वां दीक्षांत समारोह 24 मार्च 2026 को आयोजित किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है। यह भव्य समारोह विश्वविद्यालय के चौरास परिसर स्थित स्वामी मनमथन ऑडिटोरियम में संपन्न होगा।
READ MOREपूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित 12 वायु सेना अस्पताल में आयोजित प्रथम मेगा एडवांस्ड सर्जिकल नेत्र शिविर का समापन 27 फरवरी, 2026 को हुआ।
READ MOREसेंटिनल्स कप असम राइफल्स की ‘फ्रेंड्स ऑफ़ द नॉर्थ ईस्ट’ के रूप में प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो खेल को एक प्रभावशाली माध्यम के रूप में उपयोग करके युवाओं को असामाजिक गतिविधियों और मादक पदार्थों से दूर रखते हुए उनकी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों की ओर मोड़ता है।
READ MOREगोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय द्वारा राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह की प्रेरणा से आयोजित चार-दिवसीय उत्तराखंड राज्य अंतर-विश्वविद्यालय खेल महोत्सव का गरिमामय एवं ऐतिहासिक समापन हुआ।
READ MORE


[fvplayer id=”10″]

उत्तराखंड को लंबे समय से देश की “वीरभूमि” और “सैनिक प्रदेश” के रूप में जाना जाता है। राज्य के लगभग प्रत्येक पाँचवें परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना, अर्धसैनिक बलों या पूर्व सैनिक समुदाय से जुड़ा हुआ है। ऐसे प्रदेश में सैनिकों के सम्मान से जुड़ी किसी भी पहल का महत्व केवल प्रशासनिक या राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक भी होता है। यही कारण है कि देहरादून में निर्मित “सैन्य धाम” परियोजना आरम्भ से ही चर्चा और विवाद दोनों का विषय बनी हुई है।
READ MORE
विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर 127 इन्फैंट्री बटालियन (टेरिटोरियल आर्मी) ईको गढ़वाल राइफल्स, जिसे “गढ़वाल ग्रीनर्स” के नाम से जाना जाता है, द्वारा उत्तराखण्ड में पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से 02 से 05 जून तक पर्यावरण सप्ताह का व्यापक आयोजन किया गया। “भागीदारी और जिम्मेदारी” विषय पर आधारित इस अभियान के अंतर्गत देहरादून, सहिया और कस्याली सहित विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अनेक गतिविधियों का सफल संचालन किया गया।
READ MORE