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बर्फ ही हिमालय का सौंदर्य है, आभूषण है और मां गंगा जी का पावन श्रृंगार भी। गंगोत्री से लेकर पूरे हिमालय क्षेत्र में हो रही यह बर्फबारी हमें यह याद दिलाती है कि प्रकृति का संरक्षण ही मानव का सबसे बड़ा धर्म है।
READ MOREगिरीश पंत उत्तराखंड से निकलकर दिल्ली और फिर दुबई पहुंचे। उन्होंने पहले अपने पेशेवर जीवन में स्थिरता हासिल की और फिर उसी स्थिरता को दूसरों का सहारा बना दिया। आज वे उन भारतीयों के लिए आशा का नाम हैं, जो किसी न किसी कारण से विदेशों में फंस जाते हैं।
READ MOREउत्तराखंड में बसंत पंचमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति, संस्कृति और मानवीय भावनाओं से गहराई से जुड़ा हुआ उत्सव है। यह पर्व शीत ऋतु के समापन और बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है। जैसे ही पहाड़ों में जमी बर्फ धीरे-धीरे पिघलने लगती है और खेत-खलिहानों में नई हरियाली की आहट सुनाई देती है, वैसे ही लोगों के मन में भी नई ऊर्जा और उल्लास का संचार होने लगता है।
READ MOREउत्तराखंड के सीमांत जनपद चमोली की बंड पट्टी का किरुली गांव आज जिस पहचान से जाना जा रहा है, उसके पीछे 65 वर्षीय शिल्पकार दरमानी लाल की चार दशकों से अधिक की साधना छिपी है। जिस उम्र में लोग आमतौर पर सीमित जीवन और विश्राम को प्राथमिकता देने लगते हैं, उस पड़ाव पर दरमानी लाल अपनी कला को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने में जुटे हैं।
READ MOREचंपावत जिले के लोहाघाट विकास खंड के मौड़ा गांव के युवा काश्तकार नवीन सिंह बोहरा पहाड़ में खेती के जरिए बदलाव की एक मजबूत मिसाल बनकर उभरे हैं। आधुनिक तकनीक और मेहनत के बल पर उन्होंने न केवल अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ की है, बल्कि गांव के अन्य युवाओं को भी स्वरोजगार की ओर प्रेरित किया है।
READ MOREहिमालय की गोद में बहने वाली सदानीरी नदियाँ माँ गंगा और माँ यमुना आज गंभीर संकट के दौर से गुजर रही हैं। उत्तरकाशी जिले में इन आस्था की नदियों में हो रहे अवैध और अवैज्ञानिक खनन ने न केवल नदियों के प्राकृतिक स्वरूप को नुकसान पहुँचाया है, बल्कि पूरे पर्वतीय पारिस्थितिक तंत्र को भी अस्थिर कर दिया है।
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प्रिया सिंह चौहान ने हासिल की 45वीं रैंक, मीनल नेगी 66वीं और अनुज पंत 69वीं रैंक के साथ प्रदेश का बढ़ाया मान
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उत्तराखंड में आयोजित होने वाली प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के लिए आज से ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। राज्य के पर्यटन विभाग ने यात्रा को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। श्रद्धालु सुबह 7 बजे से आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से पंजीकरण कर सकते हैं।
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