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उत्तराखंड सरकार सीमांत क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने और सामरिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हवाई सेवाओं का विस्तार कर रही है। उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से संवेदनशील राज्य के लिए हवाई नेटवर्क का विस्तार एक दूरदर्शी कदम है।
READ MOREभारत की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, केंद्र सरकार ने भारतीय सेना के पूर्व उप-सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) का नया सैन्य सलाहकार नियुक्त किया है। वह 1 सितंबर 2025 को अपना कार्यभार संभालेंगे।
READ MOREगढ़वाल राइफल्स रेजिमेंटल सेंटर, लैंसडाउन के कमान्डेंट विशिष्ट सेवा मेडल ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी का विशेष साक्षात्कार
READ MOREवर्ष 2022 में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती, 23 जनवरी, को ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इसी श्रद्धांजलि के क्रम में, कर्तव्य पथ, इंडिया गेट पर नेताजी की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, जो उनके अदम्य साहस और भारत की स्वतंत्रता के प्रति उनके अटल समर्पण का प्रतीक है।
READ MOREडॉ. के. वासु, जो पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम हैं, आयुर्वेदिक ज्ञान और सिद्ध चिकित्सा को एकीकृत करके रोगों की रोकथाम, जीवनशैली प्रबंधन और प्राकृतिक उपचार के लिए विख्यात हैं। उन्होंने 11 और 12 अगस्त 2025 को लैटकोर में एक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया।
READ MOREउत्तराखंड एक बार फिर संकट की घड़ी से गुज़र रहा है, और ऐसे समय में जब प्रदेश को एक अनुभवी, ज़मीनी स्तर पर काम करने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक बार फिर कर्नल अजय कोठियाल पर भरोसा जताया है। जिस तरह उन्होंने केदारनाथ आपदा के बाद वहां का पुनर्निर्माण कार्य किया था और उसे एक नई पहचान दी थी, अब वही भूमिका उन्हें हर्षिल-धराली क्षेत्र के लिए सौंपी गई है।
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उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद के मूल निवासी मेजर जनरल नवीन कुमार थपलियाल ने 1 जून 2026 को भारतीय सशस्त्र बलों के प्रतिष्ठित त्रि-सेवा प्रशिक्षण संस्थान मिलिट्री इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुणे के कमांडेंट का कार्यभार संभाल लिया।
READ MOREभारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) अकादमी, मसूरी में रविवार को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड (पीओपी) के साथ 133 युवा अधिकारी औपचारिक रूप से देश की सेवा के लिए आईटीबीपी की मुख्यधारा में शामिल हो गए। इनमें 132 सहायक सेनानी (असिस्टेंट कमांडेंट) और एक महिला उप-सेनानी शामिल हैं। कठिन और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन युवा अधिकारियों ने राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा का दायित्व संभालने की दिशा में पहला कदम बढ़ाया।
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