[fvplayer id=”10″]
भारत ने अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में वायु रक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार करते हुए, स्वदेशी रूप से विकसित आकाश प्राइम हथियार प्रणाली का लद्दाख में सफल परीक्षण किया।
READ MOREसमाज और नागरिकों के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दृढ़ता से निभाते हुए, मुख्यालय महानिदेशालय असम राइफल्स (HQ DGAR) ने असम राइफल्स मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल, लैटकोर में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया।
READ MOREरक्षा मंत्रालय ने आतंकवाद के खिलाफ अभियानों में भारतीय सेना की परिचालन क्षमता को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आपातकालीन खरीद व्यवस्था के अंतर्गत 13 अनुबंधों को अंतिम रूप दिया है।
READ MOREयोगी कैबिनेट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य की पुलिस भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह आरक्षण पुलिस आरक्षी, पीएसी, घुड़सवार आरक्षी एवं फायरमैन की सीधी भर्ती में लागू होगा। योगी सरकार के इस निर्णय से न सिर्फ पूर्व अग्निवीरों को लाभ मिलेगा, बल्कि राज्य को प्रशिक्षित, अनुशासित और प्रेरित बल प्राप्त होगा।
READ MOREलेफ्टिनेंट जनरल दिनेश सिंह राणा ने 01 जून, 2025 को अंडमान और निकोबार कमान के 18वें कमांडर-इन-चीफ के रूप में पदभार ग्रहण किया। श्री विजयपुरम स्थित अंडमान और निकोबार कमान, भारत की पहली और एकमात्र त्रि-सेवा ऑपरेशनल कमान है जो थलसेना, नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बल को आपस में जोड़ती है। यह कमान रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद महासागर क्षेत्र में राष्ट्रीय हितों की रक्षा करती है।
READ MOREकेन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में गृह मंत्रालय ने केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) और असम राइफल्स (AR) के अधिकारी पद से नीचे के कार्मिकों को सेवानिवृत्ति के अंतिम दिन एक पद ऊपर मानद पद (Honorary Rank) देने का महत्वपूर्ण फैसला किया है।
READ MORE


[fvplayer id=”10″]

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद के मूल निवासी मेजर जनरल नवीन कुमार थपलियाल ने 1 जून 2026 को भारतीय सशस्त्र बलों के प्रतिष्ठित त्रि-सेवा प्रशिक्षण संस्थान मिलिट्री इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुणे के कमांडेंट का कार्यभार संभाल लिया।
READ MOREभारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) अकादमी, मसूरी में रविवार को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड (पीओपी) के साथ 133 युवा अधिकारी औपचारिक रूप से देश की सेवा के लिए आईटीबीपी की मुख्यधारा में शामिल हो गए। इनमें 132 सहायक सेनानी (असिस्टेंट कमांडेंट) और एक महिला उप-सेनानी शामिल हैं। कठिन और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन युवा अधिकारियों ने राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा का दायित्व संभालने की दिशा में पहला कदम बढ़ाया।
READ MORE