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सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने ऑपरेशन के सक्रिय चरण के दौरान सैनिकों की असाधारण वीरता और क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि शत्रु द्वारा सुरक्षा भंग करने के कई प्रयासों को बेअसर करने में भारतीय सैनिकों के समर्पण, दृढ़ साहस और दृढ़ प्रतिबद्धता दिखाई है। सीडीएस ने सैनिकों को पूरी क्षमता के साथ किसी भी चुनौती का जवाब देने के लिए हमेशा तैयार रहने की आवश्यकता पर जोर दिया।
READ MOREराष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। इसके अभियान दल ने 18 मई, 2025 को माउंट एवरेस्ट की चोटी (8,848 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई कर ली है। इस टीम में 10 एनसीसी कैडेट (पांच लड़के व पांच लड़कियां) के साथ चार अधिकारी, दो जूनियर कमीशन अधिकारी, एक बालिका कैडेट प्रशिक्षक और 10 गैर-कमीशन अधिकारी शामिल थे। इनमें से तीन एनसीसी कैडेट्स उत्तराखण्ड से हैं।
READ MOREऑपरेशन सिंदूर, जिसने न केवल हमारे देश की सुरक्षा को मजबूती दी, बल्कि उन निर्दोष नागरिकों के प्रति हमारी संवेदनाओं को भी व्यक्त किया, जो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकवादी हमले का शिकार हुए थे।
READ MOREभारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में कई स्थानों पर वायु रक्षा रडार और प्रणालियों को निशाना बनाया। भारत ने भी पाकिस्तान की तरह ही उसी क्षेत्र में और उसी तीव्रता से जवाब दिया है।
READ MOREकेंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार परिषद में आईपीएस आलोक जोशी को अध्यक्ष और लेफ्टिनेंट जनरल ए के सिंह (सेनि) को सदस्य बनाया है। इनका कार्यकाल 24 अप्रैल 2025 से लेकर 23 अप्रैल 2027 तक होगा।
READ MORE22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में 28 निर्दोष भारतीय पर्यटकों की नृशंस हत्या कोई एकाकी त्रासदी नहीं, बल्कि हमारे सुरक्षा तंत्र की प्रणालीगत चूकों, राज्य की उदासीनता और एक प्रतिक्रियाशील व्यवस्था का खौफनाक प्रमाण है।
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उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जनपद के मूल निवासी मेजर जनरल नवीन कुमार थपलियाल ने 1 जून 2026 को भारतीय सशस्त्र बलों के प्रतिष्ठित त्रि-सेवा प्रशिक्षण संस्थान मिलिट्री इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, पुणे के कमांडेंट का कार्यभार संभाल लिया।
READ MOREभारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) अकादमी, मसूरी में रविवार को आयोजित भव्य पासिंग आउट परेड (पीओपी) के साथ 133 युवा अधिकारी औपचारिक रूप से देश की सेवा के लिए आईटीबीपी की मुख्यधारा में शामिल हो गए। इनमें 132 सहायक सेनानी (असिस्टेंट कमांडेंट) और एक महिला उप-सेनानी शामिल हैं। कठिन और चुनौतीपूर्ण प्रशिक्षण पूरा करने के बाद इन युवा अधिकारियों ने राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा का दायित्व संभालने की दिशा में पहला कदम बढ़ाया।
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