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128 इन्फेंट्री बटालियन (प्रादेशिक सेना) इकोलॉजिकल, राजपूताना राइफल्स ने जैसलमेर में एक रिकॉर्ड तोड़ ‘विशेष वृक्षारोपण अभियान’ के साथ प्रादेशिक सेना प्लेटिनम जयंती समारोह मनाया।
READ MOREसैनिक स्कूल घोड़ाखाल एक बार फिर देश भर के 33 सैनिक स्कूलों के बीच प्रतिष्ठित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) लिखित परीक्षा में शीर्ष प्रदर्शन करने वाला स्कूल बनकर उभरा है।
READ MOREअसम राइफल्स के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने आज एनएसए अजीत डोभाल से मुलाकात की। लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने हाल ही में असम राइफल्स की कमान संभाली है। उन्होंने एनएसए को उत्तर पूर्वी राज्यों के मौजूदा हालात की जानकारी दी।
READ MOREउत्तराखंड वीरों की भूमि है और इस वीर भूमि से अनेक वीरों ने अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कई वीर सैनिक अपने देश के खातिर अपने प्रोणों की आहुति दे चुके है। जिनमें उत्तराखंड़ के अनेक वीर योद्धा भी शामिल हैं।
READ MOREउत्तराखंड में भूतपूर्व सशस्त्र सैन्य और अर्द्वसैनिक बलों के संगठन हैं, जो अपने-अपने विचारों और लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए संगठित हैं। इनकी संख्या लगभग 50 से 60 है। हम उत्तराखंड की राजनीति में संगठित रूप से भागीदारी करने में क्यों असफल रहे हैं? यह विचारणीय और गहन चिंतन का विषय है।
READ MOREअसम राइफल्स की स्थापना 1835 में हुई थी। 189 सालों से असम राइफल्स लगातार अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर रहा है। वर्तमान समय में असम राइफल्स की 26 बटालियनें उग्रवाद ग्रस्त इलाके में तथा 20 बटालियनें अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीमा सुरक्षा के कार्य में तैनात हैं। लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा के पदभार संभालने के बाद उनसे उनकी प्राथमिकताओं और चुनौतियों को लेकर हिल मेल पत्रिका के संपादक वाई एस बिष्ट ने खास बातचीत की है। इस बातचीत के अंश इस प्रकार हैं –
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उत्तराखंड के पौड़ी जनपद के ग्राम नौगांव आसूई (ब्लॉक कल्जीखाल) के वीर सपूत अग्निवीर सचिन सिंह के केरल में ड्यूटी के दौरान शहीद होने की दुखद खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। कम उम्र में मातृभूमि की सेवा करते हुए उनके सर्वोच्च बलिदान ने हर आंख को नम कर दिया है।
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पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित 12 वायु सेना अस्पताल में आयोजित प्रथम मेगा एडवांस्ड सर्जिकल नेत्र शिविर का समापन 27 फरवरी, 2026 को हुआ।
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