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‘अपना घर’ बाल एवं महिला उत्थान समिति, बद्रीपुर, देहरादून — वार्षिकोत्सव एवं सम्मान समारोह
READ MOREस्वैच्छिक रक्तदान शिविर में एकत्र हुए 83 यूनिट रक्त। चिंतन फाउंडेशन का सराहनीय प्रयास
READ MOREपंचायत चुनाव की घोषणा हो गई है ऐसे में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्यां ने चुनाव की कार्यक्रम की घोषणा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। यशपाल आर्य ने कहा कि उत्तराखण्ड में भाजपा सरकार ने पंचायती राज की संवैधानिक अवधारणा को नष्ट कर दिया है। सरकार ने आरक्षण लागू करने में न पंचायती राज अधिनियम में उल्लेखित प्राविधानों का पालन किया न उच्चतम न्यायालय ओर उच्च न्यायालय के आदेशों को।
READ MOREउत्तराखंड की सत्ता में अक्सर चेहरे बदलते रहे, लेकिन इस बार कहानी कुछ और है। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने भाजपा में अब तक का सबसे लंबा मुख्यमंत्री कार्यकाल पूरा कर लिया 3 साल 358 दिन। ये आंकड़ा अब सिर्फ गणना नहीं रहा, बल्कि एक संदेश है। प्रदेश की राजनीति अब स्थिरता की तरफ बढ़ी है।
READ MOREउत्तराखंड के पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि राज्य सरकार त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने बताया कि नैनीताल हाईकोर्ट द्वारा पंचायत चुनावों पर लगी रोक हटाए जाने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने नई चुनाव तिथियां घोषित कर दी हैं।
READ MOREउन्होंने फाइनेंशियल मैनेजमेंट को लेकर कहा कि एमएसएमई सेक्टर में छोटी-छोटी लापरवाही से बड़े नुकसान हो सकते हैं, जिसको लेकर लगातार एमएसएमई सेक्टर के लोगों को जागरूक किया जा रहा है। वहीं, सरकार भी तमाम ऐसी योजनाएं चल रही हैं, जिससे एमएसएमई सेक्टर को लाभ मिल रहा है। इसके बावजूद भी उत्तराखंड का एमएसएमई सेक्टर लगातार आगे बढ़ रहा है।
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विद्यार्थियों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी मध्याह्न भोजन (मिड डे मील) योजना में कथित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। राज्य के कई जिलों और विकासखंडों के विद्यालयों में खाद्यान्न वितरण, उपभोग और अभिलेखों में संभावित विसंगतियों की पड़ताल की जाएगी।
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उत्तराखंड को लंबे समय से देश की “वीरभूमि” और “सैनिक प्रदेश” के रूप में जाना जाता है। राज्य के लगभग प्रत्येक पाँचवें परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना, अर्धसैनिक बलों या पूर्व सैनिक समुदाय से जुड़ा हुआ है। ऐसे प्रदेश में सैनिकों के सम्मान से जुड़ी किसी भी पहल का महत्व केवल प्रशासनिक या राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और भावनात्मक भी होता है। यही कारण है कि देहरादून में निर्मित “सैन्य धाम” परियोजना आरम्भ से ही चर्चा और विवाद दोनों का विषय बनी हुई है।
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