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जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पहाड़ी से अचानक भारी मलबा गिरा, जिसकी चपेट में पांच यात्री आ गए। सभी यात्री उस समय पैदल यात्रा कर रहे थे। मलबा गिरने के चलते यात्रियों का संतुलन बिगड़ गया और वे गहरी खाई में जा गिरे।
READ MOREवैसे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस के आलाधिकारियों ने दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया था, लेकिन प्रदर्शनकारी पुलिस की इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। इसलिए आज चकराता विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने त्यूणी थाने का घेराव किया।
READ MOREइसके अलावा जागेश्वर में पिछले साल करीब 4 लाख श्रद्धालु आए थे। जबकि, इस साल अभी तक 6 लाख श्रद्धालु दर्शन करने आ चुके हैं। इसी तरह उत्तरकाशी जिले के साल्ड गांव में स्थित जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है।
READ MOREउन्होंने कहा कि सेतु आयोग, यूएनडीपी के साथ मिलकर इसके परिभाषित मापदंडों और मापने योग्य परिणामों को महत्त्वपूर्ण ढांचा प्रदान करेगा। सेतु आयोग के सीईओ श्री शत्रुघ्न सिंह ने एक व्यापक आर्थिक परिप्रेक्ष्य पेश किया।
READ MOREमुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। यात्रा के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में विभिन्न चुनौतियों का सामना करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाए। यात्रा मार्ग पर दूरसंचार की व्यवस्थाओं के साथ डिजिटल ट्रेकिंग सिस्टम बनाया जाए।
READ MOREजिला प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि श्री केदारनाथ धाम यात्रा पर आ रहे सभी श्रद्धालु मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही अपनी यात्रा पर आएं तथा यात्रा के दौरान मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा हेतु अद्यतन जानकारी प्राप्त करते रहें और सावधानीपूर्वक यात्रा करें।
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देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) ने शनिवार को एक बार फिर देशभक्ति, अनुशासन और सैन्य गौरव का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। देश की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित पासिंग आउट परेड (पीओपी) में 481 भारतीय और 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा कर सैन्य अधिकारी बने। इस अवसर पर आईएमए के ऐतिहासिक चेटवुड भवन परिसर में देशभक्ति का जोश और गौरव का वातावरण देखने को मिला।
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उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले गंभीर मरीजों के लिए देश के प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थान एम्स ऋषिकेश की व्यवस्थाओं पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक युवक को मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से रेफर किए जाने के बावजूद एम्स में भर्ती नहीं किया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने बेड उपलब्ध न होने का हवाला देकर मरीज को आकस्मिक विभाग के गेट से ही लौटा दिया और चिकित्सकों ने घायल की स्थिति तक देखने की जरूरत नहीं समझी।
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