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टनकपुर चम्पावत राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्वाला के समीप आ रहा मलवा कम होने का नाम नहीं ले रहा है। आज सुबह तो एनएच बड़े बड़े बोल्डरों से पटा हुआ था। मौके पर लगी मशीनों के लिए मलवे को हटाना बड़ी चुनौती बन गया है।
READ MOREउत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों का जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। बारिश के कारण यहां पर आये पर्यटकों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है सरकार की ओर से सभी पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।
READ MOREउत्तराखंड के लोग देश में अपनी प्रतिभा का डंका बजा रहे हैं। राजस्थान के बाद अब पश्चिम बंगाल के प्रशासनिक मुखिया के रूप में पहाड़ मूल के आईएएस मनोज पंत को नियुक्त किया गया है। वह 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं उन्हें उनके अनुभव और विशेषज्ञता के कारण यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
READ MOREभारत के 78वें स्वतंत्रता दिवस से पूर्व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान पर जारी श्रृंखला की पहली कड़ी में कृष्णानंद उप्रेती को शामिल किया गया है। उप्रेती के पौत्र ने इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस जिले की अत्यधिक प्रभावशाली हस्तियों में शुमार उनके दादा ने इस दूरस्थ क्षेत्र में पहला कार्यालय खोला था और कुली बेगार प्रथा को समाप्त करने में अहम भूमिका निभाई थी।
READ MOREउत्तराखंड के कई इलाकों में खूब बारिश हो रही है जिसके कारण कई जगहों पर सड़क मार्ग बंद हो गया है। इस साल कई स्थानों में तो खूब बारिश हुई लेकिन कुछ जगहों में बारिश सामान्य से भी कम हुई है। कहीं यह ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण तो नहीं हो रहा है। इस विषय पर सब लोगों को चिन्तन करने की आवश्यकता है।
READ MOREउत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण लोगों को जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। यहां लगातर हो रही बारिश के कारण कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। कुमाऊं के पिथौरागढ़ में काली, टनकपुर में शारदा, रामनगर में कोसी, दाबका, रामगंगा, अल्मोड़ा में कोसी, बागेश्वर में सरयू, हल्द्वानी में गौला, नंधौर, कैलाश नदियां उफान पर हैं।
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27 राज्यों से 1,200 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता; 75K और 42K दौड़ सफलतापूर्वक सम्पन्न; मुख्यमंत्री धामी ने किया वर्चुअल उद्घाटन
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कुमाऊं मंडल के सीमांत जिलों पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए भारी तबाही मचा दी। दोपहर बाद शुरू हुई तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। कई क्षेत्रों में 100 से 200 ग्राम तक वजनी ओले गिरने से वाहनों के शीशे, हेडलाइट और मकानों की खिड़कियों के कांच टूट गए। वहीं किसानों की साग-सब्जियों और फलों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
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