[fvplayer id=”10″]
ग्रामीण पृष्ठभूमि और सामाजिक तौर पर कमजोर तबके से आने वाली इन तीनों युवतियों ने आज से कुछ समय पहले तक लैपटॉप तक नहीं चलाया था, लेकिन आज वो ड्रोन दीदी बनकर, ड्रोन असेम्बलिंग, रिपेयरिंग से लेकर फ्लाइंग तक का काम आसानी से कर रही हैं।
READ MOREयुवाओं को किसी भी देश के विकास के लिए रीढ़ की हड्डी माना जाता है जैसे शरीर की रीढ़ खराब हो जाए तो शरीर का सीधे खड़ा नहीं हो सकता ठीक उसी तरह अगर देश के युवा गलत रास्ते पर चलने लगे तो देश के विकास में कई रोकावटें आ जाती है। देश के विकास के लिए युवा वर्ग की मानसिकता का अच्छा होना बेहद जरूरी है।
READ MOREउत्तराखंड के प्रवासी उत्तराखंडी देश—विदेश में रहकर अपनी आजीविका को अच्छी तरह से चला रहे हैं और दूसरा वह जिस गांव में पैदा हुए हैं वह अब अपने गांव के लिए भी कुछ करना चाहते हैं इसके लिए उत्तराखंड सरकार भी आगे आ रही है। ‘गांव को गोद लें’ योजना के तहत इस योजना पर काम किया जा रहा है।
READ MOREभौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनाने के लिए सरकार राज्य में हवाई सेवाओं के लिए मजबूत बुनियादी सेवाएं जुटा रही है। इसी क्रम में बीते दो साल में राज्य में आठ स्थानों पर हैलीपोर्ट बनकर तैयार हो चुके हैं। जबकि छह अन्य स्थानों पर हेलीपोर्ट का निर्माण प्रगति पर है।
READ MOREइस वर्ष उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी की कमी ने पर्यटन उद्योग और स्थानीय निवासियों को चिंता में डाल दिया है। मौसम में इस बदलाव के कारण जलवायु परिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं, जिससे आने वाले समय में इस क्षेत्र की पर्यावरणीय स्थितियों पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।
READ MOREभारत की भूमि से ही पवित्र कैलाश पर्वत के दर्शन करने का शिव भक्तों का सपना आज पूरा हो गया है। नवरात्रि के पहले दिन यात्रियों के पांच सदस्यीय दल ने पिथौरागढ़ जिले में स्थित ओल्ड लिपुलेख से माउंट कैलाश के दर्शन किए। कैलाश पर्वत के दिव्य दर्शन से श्रृद्धालु भाव विभोर हो उठे।
READ MORE


[fvplayer id=”10″]

27 राज्यों से 1,200 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता; 75K और 42K दौड़ सफलतापूर्वक सम्पन्न; मुख्यमंत्री धामी ने किया वर्चुअल उद्घाटन
READ MORE
कुमाऊं मंडल के सीमांत जिलों पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट लेते हुए भारी तबाही मचा दी। दोपहर बाद शुरू हुई तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया। कई क्षेत्रों में 100 से 200 ग्राम तक वजनी ओले गिरने से वाहनों के शीशे, हेडलाइट और मकानों की खिड़कियों के कांच टूट गए। वहीं किसानों की साग-सब्जियों और फलों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
READ MORE