सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने कहा कि युवाओं को उत्कृष्टता की ओर निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए और अपने पेशे को केवल करियर के रूप में नहीं, बल्कि सेवा के माध्यम के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा ‘समर्पण और सेवा भाव ही किसी भी पेशे को महान बनाते हैं’।
श्रीनगर गढ़वाल स्थित वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय मेडिकल कॉलेज में आयोजित विशेष कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने मेडिकल छात्र-छात्राओं और संकाय सदस्यों के साथ संवाद स्थापित करते हुए राष्ट्र निर्माण में चिकित्सा क्षेत्र की भूमिका पर विस्तार से अपने विचार साझा किए।
अपने संबोधन में जनरल चौहान ने कहा कि राष्ट्र सेवा केवल सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा के माध्यम से समाज की रक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में चिकित्सकों की भूमिका अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं जैसी होती है, जो जीवन बचाने के साथ-साथ समाज में आशा और विश्वास का संचार करते हैं।
उन्होंने युवाओं को अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और समर्पण की भावना विकसित करने का संदेश दिया। उनका कहना था कि एक सफल चिकित्सक बनने के लिए केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय क्षमता और टीम भावना भी आवश्यक है।
आपदा प्रबंधन के संदर्भ में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्र में चिकित्सा संस्थानों की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की तत्परता और समन्वित कार्यप्रणाली कई जिंदगियां बचा सकती है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे आपदा प्रबंधन से संबंधित प्रशिक्षण और अभ्यास में सक्रिय भागीदारी करें।
जनरल चौहान ने यह भी कहा कि युवाओं को उत्कृष्टता की ओर निरंतर प्रयासरत रहना चाहिए और अपने पेशे को केवल करियर के रूप में नहीं, बल्कि सेवा के माध्यम के रूप में देखना चाहिए। उन्होंने कहा ‘समर्पण और सेवा भाव ही किसी भी पेशे को महान बनाते हैं ‘।
कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य, संकाय सदस्य, चिकित्सक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में संस्थान की ओर से सीडीएस का आभार व्यक्त किया गया और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।









