जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव से ठीक पहले नैनीताल में सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। कांग्रेस ने अपने चार जिला पंचायत सदस्यों के कथित अपहरण का आरोप लगाते हुए सीधे उत्तराखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इसके चलते चुनाव प्रक्रिया पर संकट मंडराने लगे हैं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने आरोप लगाया है कि 30 से 40 अज्ञात लोगों ने उनके चार जिला पंचायत सदस्यों का जबरन अपहरण कर लिया। यह घटना बृहस्पतिवार सुबह तब हुई जब सभी सदस्य जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के लिए वोट डालने जा रहे थे। आरोप है कि पंचायत कार्यालय के पास ही कुछ लोगों ने जबरन उनकी गाड़ी को रोका और सदस्यों को अपने साथ ले गए।
वायरल हुआ वीडियो
कांग्रेस ने इस घटना का एक वीडियो भी जारी किया है, जिसमें कथित तौर पर कुछ लोग जबरदस्ती सदस्यों को ले जाते हुए देखे जा सकते हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने वीडियो को साझा करते हुए चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह सब पुलिस की मौजूदगी में हुआ, लेकिन पुलिस मूकदर्शक बनी रही। मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब कांग्रेस नेता, कार्यकर्ता और वकीलों का प्रतिनिधिमंडल नैनीताल हाईकोर्ट पहुंचा और चुनाव प्रक्रिया को रुकवाने की मांग की।
बहिष्कार की चेतावनी
हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के साथ ही कांग्रेस ने चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दी है। राहुल छिमवाल ने कहा, ‘जब हमारे ही निर्वाचित सदस्य सुरक्षित नहीं हैं, तो चुनाव की निष्पक्षता पर भरोसा कैसे करें?’
प्रशासन की चुप्पी
पूरे मामले पर जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, सूत्रों के अनुसार प्रशासन वीडियो की जांच कर रहा है और अपहरण के आरोपों की पुष्टि करने का प्रयास कर रहा है।
क्या होगा अगला कदम? क्या हाईकोर्ट चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगाएगा? क्या कांग्रेस बहिष्कार की घोषणा कर चुनाव से हटेगी? अपहृत सदस्यों की क्या स्थिति है?
इन सवालों के जवाब आने वाले 24 घंटे में स्पष्ट हो सकते हैं। फिलहाल नैनीताल में सियासी माहौल बेहद गर्म है और सुरक्षा व्यवस्था को भी सख्त कर दिया गया है।








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