Saturday , 5 September 2026
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कोरोना से वैश्विक अर्थव्यवस्था में आएगी मंदी पर भारत बचा रहेगा: संयुक्त राष्ट्र

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कोरोना वायरस महामारी के चलते दुनियाभर के देश बेहाल हैं। लोगों की जानें जा रही हैं और अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हो रहा है। इस बीच संयुक्त राष्ट्र ने आगाह किया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में इस साल मंदी दिखाई देगी और वैश्विक आय में कई ट्रिलियन डॉलर की कमी हो सकती है। हालांकि UN की ट्रेड रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस मुश्किल हालात में विकासशील देशों को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ेगा, लेकिन चीन और भारत जैसे देश अपवाद रहेंगे।

कारोबार और विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र कॉन्फ्रेंस (UNCTAD) ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि विश्व की दो तिहाई जनसंख्या वाले विकासशील देशों को कोरोना वायरस के चलते भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ेगा। संयुक्त राष्ट्र ने इन देशों के लिए 2.5 ट्रिलियन डॉलर के राहत पैकेज की आवश्यकता बताई है।

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यूएनसीटीएडी ने कहा, ‘इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी रहेगी और वैश्विक आय को कई ट्रिलियन डॉलर के नुकसान का अनुमान है। इससे विकासशील देशों को बड़ी परेशानी होगी, लेकिन इसमें चीन अपवाद साबित हो सका है और भारत के भी अपवाद साबित होने की संभावना है।’

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हालांकि रिपोर्ट में यह विस्तार से नहीं बताया गया है कि जब कोरोना वायरस के कारण पैदा होने वाली वैश्विक मंदी से दुनियाभर के विकासशील देशों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा तो भारत और चीन इससे कैसे बचे रहेंगे। यूएनसीटीएडी का अनुमान है कि अगले दो साल में विकासशील देशों को दो से तीन ट्रिलियन डॉलर के फाइनैंसिंग गैप का सामना करना पड़ेगा।

यूएनसीटीएडी के महासचिव मुखीसा कीतुई ने कहा, ‘कोरोना वायरस के कारण पैदा हुई आर्थिक गिरावट जारी है और तेजी से बढ़ेगी, जिसका अनुमान लगाना मुश्किल है, लेकिन संकेत हैं कि विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए हालात काफी खराब होने वाले हैं।’

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Hill Mail

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