मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान को जिले में साकार रूप देने के प्रयासों के मद्देनजर जिलाधिकारी सौरभ गहरवार के निर्देशन में लगातार कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। पुलिस महकमा, स्वास्थ्य विभाग एवं शिक्षा विभाग इस अभियान के अहम स्तंभ हैं, जो सभी विभागों के समन्यवय से इस महाअभियान को क्रियान्वित किया जा रहा है।
पुलिस विभाग की सतर्कता एवं त्वरित कार्यवाही के चलते वर्ष 2025 में अभी तक तीन अलग-अलग मामलों में चरस एवं स्मैक की तस्करी के अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जिन पर न्यायिक कार्यवाही गतिमान है। बड़ी संख्या में आने वाले यात्रियों के कारण जिले की पुलिस को इन गतिविधियों के संबंध में और अधिक सतर्कता बरतनी होती है और इसी मुस्तैदी सतर्कता एवं गहन जांच का परिणाम है कि वर्ष 2020 से अभी तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज अधिकांश वाद में आरोपी को न्यायालय द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है और अन्य में संबंधित कार्यवाही गतिमान है।
जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने बताया कि जिले में नशाखोरी के साथ-साथ अवैध रूप से हो रही अफीम, खस-खस, एवं पोस्त आदि की खेती को रोकने के लिए सख्त कार्यवाही की जा रही हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मेडिकल स्टोर में प्रतिबंधित नशीली गोलियों व दवाइयों की बिक्री रोकने को लेकर लगातार छापेमारी की कार्यवाही की जाएं तथा सभी मेडिकल स्टोर में सीसीटीवी कैमरे सुनिश्चित किए जाएं। जिलाधिकारी सौरभ गहरवार ने कहा कि एनडीपीएस एक्ट 1985 के अन्तर्गत गठित नार्को-समन्वय केंद्र (एनसीओआरडी) के चलते केंद्र, राज्य एवं जिला स्तर की गतिविधियों का एकीकरण हुआ है, जिससे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों का सुदृढ़ीकरण हुआ है।
उन्होंने बताया कि विद्यालयों एवं अन्य शिक्षण संस्थाओं के 100 मीटर की परिधि में तम्बाकू, गुटखा जैसे पदार्थों की बिक्री होने के संबंध में संयुक्त छापेमारी की जाए एवं ऐसा करने वालों के विरूद्ध आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्कूल, कॉलेजों पर विशेष जोर देते हुए वहां नियमित समय अंतराल पर नशा मुक्ति अभियान जन-जागरूकता शिविर लगाए जाने की भी बात कही। पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने बताया कि पुलिस विभाग जनपद में मादक पदार्थों के तस्करों एवं नशाखोरी पर निगरानी एवं नियंत्रण को लेकर जनपद के बॉर्डर एवं संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार चेकिंग अभियान चला रहा है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड राज्य के अंदर रुद्रप्रयाग जिले में मादक पदार्थों की अवैध खेती के मामले बहुत कम ही देखने को मिलते हैं और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जनमानस को जागरूक करने के लिए स्कूलों, विद्यालयों, ग्राम, कस्बों, विभिन्न मेलों एवं सार्वजनिक स्थानों पर लगातार जनजागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने युवाओं एवं आम नागरिकों को नशे से दूर रहने की अपील करते हुए जानकारी दी कि एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत यदि कोई मादक पदार्थों की तस्करी या खेती इत्यादि करते हुए पकड़ा जाता है, तो गंभीर आर्थिक दंड एवं दस वर्ष तक की सजा के प्रावधान हैं। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली एवं एंटी नारकोटिक्स टाक्स फोर्स के पूर्व प्रभारी मनोज नेगी ने बताया कि चरस, गांजा, भांग, कोकिन पाउड़र, स्मैक, एलएसडी एवं नशीले इंजेक्शन इत्यादि नशीले पदार्थों की श्रेणी में आते हैं और उत्तराखंड़ पुलिस एप पर ऑनलाइन या 112 डायल करके भी आम नागरिक मादक पदार्थों के खिलाफ चल रही इस मुहिम में अपना अमूल्य योगदान दे सकते हैं।
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