Tuesday , 15 September 2026
Home ताज़ा ख़बर डीआरडीओ ने एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली का पहला परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया
ताज़ा ख़बरदेश-विदेशस्पेशल

डीआरडीओ ने एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली का पहला परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने एकीकृत वायु रक्षा हथियार प्रणाली का पहला परीक्षण सफलता पूर्वक पूरा कर लिया है। यह परीक्षण 23 अगस्त, 2025 को दोपहर लगभग 12:30 बजे ओडिशा के समुद्री तट पर किया गया।

आईएडीडब्ल्यूएस (IADWS) एक बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली है, जिसमें स्वदेशी रूप से विकसित त्वरित प्रतिक्रिया सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें (QRSAM), उन्नत अति लघु दूरी वायु रक्षा प्रणाली (VSHORADS) मिसाइलें तथा एक लेजर आधारित निर्देशित ऊर्जा हथियार प्रणाली (DEW) शामिल हैं।

सभी हथियार प्रणाली घटकों को एकीकृत संचालन के लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला द्वारा विकसित एक केंद्रीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र द्वारा नियंत्रित किया जाता है, जो इस परियोजना की नोडल प्रयोगशाला है। VSHORADS को रिसर्च सेंटर इमारत और DEW को सेंटर फॉर हाई एनर्जी सिस्टम्स एंड साइंसेज द्वारा विकसित किया गया है।

उड़ान परीक्षणों के दौरान, दो तेज गति वाले फिक्स्ड-विंग मानवरहित हवाई लक्ष्यों तथा एक मल्टी-कॉप्टर ड्रोन सहित कुल तीन अलग-अलग लक्ष्यों को क्रमशः QRSAM, VSHORADS और उच्च ऊर्जा लेजर हथियार प्रणाली द्वारा भिन्न-भिन्न दूरी और ऊंचाई पर सटीक रूप से निशाना बनाकर पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया।

मिसाइल प्रणाली, लक्ष्य पहचान और विनाश प्रणाली, कमान एवं नियंत्रण प्रणाली, संचार नेटवर्क, तथा रडार सहित सभी घटकों ने त्रुटिरहित प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन की पुष्टि उड़ान डेटा को रिकॉर्ड करने के लिए एकीकृत परीक्षण रेंज, चांदीपुर द्वारा तैनात उन्नत रेंज उपकरणों द्वारा की गई।

इस महत्वपूर्ण परीक्षण का अवलोकन डीआरडीओ के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और सशस्त्र बलों के प्रतिनिधियों द्वारा किया गया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने IADWS के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ, सशस्त्र बलों, और घरेलू रक्षा उद्योग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ‘इस अनूठे परीक्षण ने भारत की बहुस्तरीय वायु रक्षा क्षमता को प्रमाणित किया है और यह प्रणाली दुश्मन के हवाई खतरों से निपटने के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा घेरे को और अधिक सशक्त बनाएगी।’

रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव तथा डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत ने भी इस सफलता में योगदान देने वाली सभी टीमों को बधाई दी और कहा कि यह उपलब्धि भारत की स्वदेशी रक्षा तकनीक क्षमता का प्रतीक है।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles