हिल-मेल ब्यूरो, देहरादून
दुनिया भर में दहशत का पर्याय बने कोरोना वायरस ने उत्तराखंड में भी दस्तक दे दी है। देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के 26 वर्षीय प्रशिक्षु के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। उसे दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय में भर्ती किया गया है। दरअसल, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी के प्रशिक्षु आईएफएस का दल शैक्षिक भ्रमण पर स्पेन गया था। वहां से लौटने पर दो दिन पहले ही छह प्रशिक्षुओं के सैंपल जांच के लिए हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज भेजे गए थे, जिनमें दो की रिपोर्ट रविवार को आई। इनमें एक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वहीं, सेलाकुई से भी एक लड़के और एक लड़की में भी कोरोना के लक्षण मिलने की खबरें हैं।
ऐहतियात के तौर पर वन अनुसंधान संस्थान(एफआरआई) में आम जनता के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अनुसंधान एफआरआई परिसर में है। सूबे में अब तक 25 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिसमें अभी तक 18 की रिपोर्ट आ चुकी है। इसमें 17 नेगेटिव और एक पॉजिटिव केस सामने आया है। बाकी सात लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी है।
उत्तराखंड सरकार ने कोरोना को महामारी घोषित कर दिया है। वायरल संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश में उत्तराखंड महामारी रोग अधिनियम (कोविड-19) में लागू कर दिया गया है। इससे जिलाधिकारियों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को वायरस की रोकथाम के लिए असीमित अधिकार प्राप्त हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसके तहत अब स्कूल और आंगनबाड़ी के बाद राज्य के सभी कॉलेज, सिनेमाघर और मल्टीप्लेक्स 31 मार्च तब बंद रहेंगे। लेकिन मेडिकल कॉलेज खुले रहेंगे। वहीं राज्य में आइसोलेशन वार्ड के लिए 50 करोड़ की राशि मंजूर की गई है।


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