उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने की भयावह घटना सामने आई है। धराली के खीर गंगा क्षेत्र में अचानक आए तेज़ पानी और मलबे के सैलाब से गांव में भारी तबाही मच गई। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 4 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों के लापता होने का अनुमान है।
उत्तरकाशी में बादल फटने से भारी तबाही मची है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 4 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, केवल 34 सेकेंड में पहाड़ों से आई तेज़ रफ्तार पानी और मलबे की धारा ने पूरे धराली गांव को अपनी चपेट में ले लिया। इस दौरान करीब 20 से 25 होटल और होमस्टे पूरी तरह तबाह हो गए हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, 10 से 12 मजदूर मलबे में दबे हो सकते हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, सेना और एनडीआरएफ मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं और खुद स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है और मुख्यमंत्री धामी से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहायता का आश्वासन देते हुए कहा कि ‘प्रभावितों को शीघ्र राहत पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।’
गृह मंत्री अमित शाह ने भी घटना पर शोक जताया है और एनडीआरएफ सहित सभी राहत एजेंसियों को तत्परता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। गृह मंत्री ने आईटीबीपी की तीन और एनडीआरएफ की चार अतिरिक्त टीमें राहत कार्यों के लिए भेजी हैं।

राज्यपाल और नेताओं ने जताया दु:ख
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (से नि) गुरमीत सिंह ने हादसे पर दु:ख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने सभी की सुरक्षा और शीघ्र पुनर्वास के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार से सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा, ‘यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है। संकट की इस घड़ी में हम पीड़ित परिवारों के साथ हैं।’ वहीं गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने भी हादसे को हृदयविदारक बताया और राहत कार्यों में केंद्र सरकार की पूर्ण मदद का भरोसा दिलाया।

एसडीआरएफ की भटवाड़ी और गंगोत्री से रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर पहुंच गई हैं। रेस्क्यू टीम द्वारा सैटेलाइट फोन के माध्यम से बताया गया कि आपदा प्रभावित क्षेत्र से अभी तक 60 से 70 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। एसडीआरएफ की अन्य टीमें रास्ते में है जो जल्दी ही प्रभावित क्षेत्र में पहुंच जाएगी।








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