उत्तराखंड शासन ने शुक्रवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस दौरान गृह सचिव बदले गए, फायर सर्विस और कारागार जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारियों में भी बदलाव किया गया। शासन के इस कदम को प्रशासनिक व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद माना जा रहा है।
उत्तराखंड शासन ने शुक्रवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा कदम उठाते हुए 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस व्यापक फेरबदल में गृह विभाग से लेकर फायर सर्विस, कारागार, पुलिस मुख्यालय और फील्ड पोस्टिंग तक कई अहम जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। शासन का कहना है कि यह निर्णय प्रशासनिक कार्यक्षमता बढ़ाने और विभागीय संतुलन मजबूत करने के उद्देश्य से लिया गया है।
गृह सचिव बदले, नई जिम्मेदारियाँ तय
तबादला आदेशों के तहत आईपीएस तृप्ति भट्ट को अपर सचिव गृह बनाया गया है। इसके साथ ही उन्हें कारागार विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। यह जिम्मेदारी पहले किसी अन्य अधिकारी के पास थी। वहीं, पीएसी (प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी) में तैनात आईपीएस नीरू गर्ग को अब आईजी फायर सर्विस की जिम्मेदारी दी गई है।
फायर सर्विस में अहम बदलाव
शासन ने फायर सर्विस विभाग में भी बड़ा बदलाव किया है। आईजी कृष्ण कुमार वीके से फायर सर्विस की जिम्मेदारी हटाकर अब सीआईडी का कार्यभार सौंपा गया है।
उनके स्थान पर आईपीएस अरुण मोहन जोशी को फायर सर्विस की जिम्मेदारी दी गई है। इस फेरबदल को आपदा प्रबंधन और शहरी सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
पुलिस मुख्यालय और अन्य विभागों में बदलाव
तबादला सूची के अनुसार—
•आईपीएस सुनील कुमार मीणा से जीआरपी (Government Railway Police) की जिम्मेदारी हटाई गई है
•आईपीएस योगेंद्र सिंह रावत को आईजी कार्मिक के साथ-साथ मुख्यालय की जिम्मेदारी दी गई है
•डीआईजी निवेदिता कुकरेती से फायर सर्विस हटाकर उन्हें एसडीआरएफ की जिम्मेदारी सौंपी गई है
इन बदलावों से स्पष्ट है कि शासन विशेष रूप से आपदा प्रतिक्रिया और आपात सेवाओं को प्राथमिकता दे रहा है।
पीएसी और फील्ड पोस्टिंग में भी फेरबदल
फील्ड स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं—
•आईपीएस यशवंत सिंह को सेनानायक आईआरबी प्रथम, रामनगर
•आईपीएस रामचंद्र राजगुरु को एसपी पुलिस मुख्यालय
•आईपीएस सरिता डोबाल को एसपी एटीएस
•आईपीएस हरीश वर्मा को सेनानायक 40वीं वाहिनी पीएसी, हरिद्वार जैसी जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं।
प्रशासनिक संतुलन और जवाबदेही पर फोकस
शासन सूत्रों के अनुसार, यह फेरबदल केवल रूटीन तबादला नहीं है, बल्कि—
•विभागों के बीच समन्वय
•अनुभवी अधिकारियों का बेहतर उपयोग
•आपदा, फायर और सुरक्षा सेवाओं को मजबूत करना
15 आईपीएस अधिकारियों के एक साथ तबादले से प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इसे आने वाले समय में कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और आंतरिक सुरक्षा की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह फेरबदल आने वाले चुनावी और आपदा-प्रबंधन सीजन को देखते हुए किया गया है। उत्तराखंड में हुआ यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल इस बात का संकेत है कि शासन अब सुरक्षा, आपदा और प्रशासनिक दक्षता को लेकर कोई ढिलाई नहीं चाहता। 15 आईपीएस अधिकारियों की नई तैनाती आने वाले समय में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आपात सेवाओं की दिशा तय करेगी।
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