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चीफ सेक्रेटरी की नियुक्ति: क्या पंजाब-हरियाणा मॉडल दोहराएंगे त्रिवेंद्र सिंह!

  • टी हरीश

उत्तराखंड में मौजूदा चीफ सेक्रेटरी उत्पल कुमार सिंह इस महीने के अंत में रिटायर हो रहे हैं और अभी तक राज्य सरकार ने नए चीफ सेक्रेटरी की नियुक्ति के लिए पत्ते नहीं खोले हैं। हालांकि राज्य में चीफ सेक्रेटरी के पद के लिए 1987 बैच के आईएएस अफसर ओम प्रकाश को प्रबल दावेदार माना जा रहा है। लेकिन राज्य में 1988 बैच की आईएएस राधा रतूड़ी भी इस पद के लिए पसंद के तौर पर सामने आई हैं।

पिछले महीने ही पंजाब सरकार ने कई दावेदारों को दरकिनार कर राज्य में चीफ सेक्रेटरी के पद पर महिला आईएएस अफसर विनी महाजन को नियुक्त किया है। पंजाब में 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं और राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चुनाव को देखते हुए विनी महाजन को इस पद पर नियुक्त किया है।

कुछ इसी तरह की चर्चाओं का दौर राज्य में भी चल रहा है। कुछ ये भी कयास लगा रहे हैं कि सरकार तीन महीने के लिए उत्पल कुमार सिंह को सेवा विस्तार दे सकती है और इस दौरान सरकार को सोचने के लिए ज्यादा मिल सकेगा। राज्य में फिलहाल चीफ सेक्रेटरी के पद के दो ही दावेदार प्रबल माने जा रहे हैं। निश्चय ही उनमें पहला नाम वरिष्ठ अधिकारी ओम प्रकाश का है। वहीं दो आईएएस अफसर अनूप वधावन और एसएस संधू केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, जिसके कारण उनके राज्य में लौटेने की उम्मीद कम है।

असल में पंजाब में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के ऊपर कांग्रेस के बड़े नेताओं का दबाव था और पंजाब के वरिष्ठ अफसर चीफ सेक्रेटरी के पद के लिए दस जनपथ तक लॉबिंग कर रहे थे। पंजाब से पहले हरियाणा सरकार ने एक महिला अधिकारी को राज्य की चीफ सेक्रेटरी के पद नियुक्त किया था। लिहाजा राज्य की त्रिवेंद्र सरकार पंजाब और हरियाणा सरकार की तरह कोई फैसला ले तो इसमें अचरज नहीं होना चाहिए। उत्तराखंड में भी 2022 को चुनाव होने हैं और राज्य सरकार राज्य की आबादी को खुश करने के लिए राधा रतूड़ी पर दांव खेल सकती है।

आखिर राधा रतूड़ी क्यों?

अब सवाल ये उठता है कि राज्य में चीफ सेक्रेटरी के पद पर राज्य सरकार राधा रतूड़ी की नियुक्ति क्यों करना चाहेगी। असल में 2022 में चुनाव होने हैं और अभी तक राज्य में कोई महिला चीफ सेक्रेटरी नहीं बनी है। लिहाजा राज्य सरकार इसके जरिये आधी आबादी को एक बड़ा संदेश दे सकती है। पहाड़ की पृष्ठभूमि वाली किसी महिला को पहली बार चीफ सेक्रेटरी बनाना भी बड़ा फैसला होगा। यह त्रिवेंद्र सिंह के बड़े फैसलों में निश्चित तौर पर जगह बना सकता है।

ब्राह्मण वर्ग को साथ रखने का संदेश 

राधा रतूड़ी के जरिये राज्य की त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार ब्राह्मण वर्ग को खुश कर सकती है। असल में विरोधी आरोप लगाते रहे हैं कि मुख्यमंत्री एक वर्ग को तरजीह देते हैं, हालांकि खुद सीएम रावत इस तरह के आरोपों को खारिज करते रहे हैं। लेकिन राधा रतूड़ी की नियुक्ति इस तरह की बहस को विराम लगा सकती है।

बेदाग छवि का होना

राज्य में महिला आईएएस अफसर होने के साथ ही राधा रतूड़ी अभी तक विवादों में नहीं रही हैं। जबकि राज्य के कई अफसरों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। लिहाजा दामन में भ्रष्टाचार के दाग न होने के कारण राज्य सरकार उन्हें नियुक्त कर सकती है। कुछ दावेदार हाल में विवादों में घिर गए थे और राज्य में नेताओं का एक धड़ा उनकी शिकायत पार्टी आलाकमान से कर चुका है।

(ये लेखक के अपने विचार हैं, हिल-मेल इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।)

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