उत्तराखंड में परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों को बड़ा अलर्ट जारी किया है। अगर आपके वाहन की RC में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, तो आने वाले दिनों में भारी दिक्कतें हो सकती हैं, चालान, टैक्स, बीमा से जुड़ी जरूरी सूचनाएं आप तक नहीं पहुंचेंगी और कई सेवाएं अपने-आप रुक जाएंगी। विभाग ने 31 दिसंबर तक नंबर अपडेट कराने की अपील की है।
अगर आप उत्तराखंड में गाड़ी चलाते हैं, तो अब अपनी RC में गलत या पुराना मोबाइल नंबर रखना आपके लिए बड़ी परेशानी खड़ी कर सकता है। परिवहन विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि जिन वाहन मालिकों ने अभी तक अपने RC रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं किया है, वे जल्द से जल्द यह काम पूरा कर लें, वरना उन्हें कई आवश्यक सेवाओं से वंचित होना पड़ सकता है।

विभाग के इस अभियान का मकसद इतना ही है, आप तक सही जानकारी समय पर पहुंचे। आज सड़क सुरक्षा से लेकर नोटिस, चालान, टैक्स की तिथि, इंश्योरेंस की अवधि, सभी डिजिटल सूचनाएं आपके मोबाइल नंबर पर भेजी जाती हैं। लेकिन अगर नंबर ही गलत है, तो गाड़ी से जुड़ी जरूरी जानकारी आप तक पहुंच ही नहीं पाती। कई लोग बिना जाने, बिना बताए भारी जुर्माने का सामना भी कर चुके हैं।
आपको बता दें की parivahan.gov.in और सभी ARTO कार्यालयों में मोबाइल नंबर अपडेट करने की सुविधा उपलब्ध है। वाहन मालिक 31 दिसंबर तक यह काम आसानी से कर सकते हैं। इसके बाद विभाग का सख्ती से पालन करवाने का प्लान है, ताकि सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक प्रक्रिया दोनों सुचारू चल सकें।

विभाग के मुताबिक, इस सप्ताह सिर्फ देहरादून क्षेत्र में करीब 2,26,498 चालान काटे गए, जिनमें से 22,812 चालान ऐसे वाहन मालिकों के थे जिनका मोबाइल नंबर RC में अपडेट नहीं था। यानी लगभग 90 प्रतिशत लोग नोटिस प्राप्त ही नहीं कर पाए। यह आंकड़ा बताने के लिए काफी है कि समस्या कितनी बड़ी है। कई ड्राइवरों का मानना है कि गलत नंबर या पुराना नंबर रहने से उन्हें बेवजह दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं—बीमा की तारीख निकल जाती है, फिटनेस रिमाइंडर नहीं आता, और अचानक पता चलता है कि चालान भी बकाया है। विभाग का कहना है कि अगर नंबर अपडेट कर दिया जाए, तो इन परेशानियों से आसानी से बचा जा सकता है।
अब स्थिति बिल्कुल साफ है,
गाड़ी आपकी, जिम्मेदारी भी आपकी।
अगर RC में मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, तो आने वाले समय में दिक्कतें बढ़ सकती हैं। इसलिए 31 दिसंबर की अंतिम तारीख से पहले मोबाइल नंबर अपडेट कराना ही समझदारी है।








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