गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान को छह माह का सेवा-विस्तार प्रदान किया गया है।
कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान का वर्तमान कार्यकाल 28 फरवरी 2026 को पूर्ण हो रहा है। यह निर्णय विश्वविद्यालय के कुलाधिपति एवं उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह द्वारा लिया गया है।
विस्तार के तहत प्रोफेसर चौहान 1 मार्च 2026 से अगले छह माह अथवा नियमित कुलपति की नियुक्ति/अग्रिम आदेश तक (जो भी पहले हो) कुलपति पद का दायित्व निभाते रहेंगे। इस निर्णय से विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, शोध एवं प्रशासनिक गतिविधियों में निरंतरता बनी रहेगी।
निदेशक संचार डॉ. जे.पी. जायसवाल ने बताया कि प्रोफेसर चौहान ने अपना प्रथम तीन वर्षीय कार्यकाल 29 अगस्त 2022 से 28 अगस्त 2025 तक सफलतापूर्वक पूर्ण किया। इसके पश्चात उन्हें 29 अगस्त 2025 से 28 फरवरी 2026 तक छह माह का विस्तार प्रदान किया गया था। अब पुनः छह माह का विस्तार दिए जाने से उनका नेतृत्व जारी रहेगा।
अपने तीन वर्ष छह माह के कार्यकाल में विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान और प्रसार गतिविधियों में उल्लेखनीय प्रगति की है। इस अवधि में नई आधारभूत संरचनाओं का निर्माण तथा पुरानी परिसंपत्तियों का नवीनीकरण किया गया। तीन दीक्षांत समारोह सफलतापूर्वक आयोजित हुए, जिनमें देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का आशीर्वाद भी प्राप्त हुआ।
इसके अतिरिक्त सात किसान मेलों का आयोजन किया गया, जिससे प्रदेश एवं देश के किसानों को नई तकनीकों और शोध उपलब्धियों की जानकारी मिली। 17वें कृषि विज्ञान सम्मेलन का आयोजन भी उनके नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जिसमें लगभग तीन हजार प्रतिभागियों ने भाग लिया और कई नए कीर्तिमान स्थापित हुए।
विश्वविद्यालय ने इस दौरान अनेक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए तथा बड़ी संख्या में पेटेंट दाखिल किए। विशेष उपलब्धि के रूप में विश्वविद्यालय को देश के 71 कृषि विश्वविद्यालयों में प्रथम बार क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में स्थान प्राप्त करने का गौरव मिला। साथ ही, विभिन्न राष्ट्रीय स्तर के सम्मान भी विश्वविद्यालय को प्राप्त हुए।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह सेवा-विस्तार संस्थान की प्रगति को नई गति प्रदान करेगा और आगामी महीनों में भी विकास की यह निरंतरता बनी रहेगी।







