पौड़ी जनपद के कोतवाली क्षेत्र में युवक जितेंद्र नेगी की आत्महत्या की घटना ने पूरे राज्य में शोक और आक्रोश का वातावरण पैदा कर दिया है। आत्महत्या से पहले सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो संदेश में जितेंद्र ने कुछ व्यक्तियों पर धोखाधड़ी और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है।
उत्तराखंड से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आ रहा है जहां पर एक युवक ने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर अपनी आत्महत्या की बात कहते हुए जान दी है जिसका जिम्मेदार उसने भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश मंत्री हिमांशु चमोली को ठहराया है। घटना के बाद से सोशल मीडिया पर युवक का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
मृतक जितेंद्र नेगी उर्फ जीतू, विगत पांच वर्षों से जौलीग्रांट के कोठारी मोहल्ले में अपने परिवार के साथ निवास कर रहा था। इससे पूर्व वह किराये के मकान में रहता था। पिता सतीश नेगी ने बताया कि जितेंद्र उनके चार बच्चों में सबसे बड़ा था और पिछले 15-16 वर्षों से प्रॉपर्टी के व्यवसाय से जुड़ा हुआ था। परिजनों के अनुसार, जितेंद्र नेगी बीते छह माह से भाजपा नेता हिमांशु चमोली के संपर्क में था और उसे भाई समान मानता था।

परिजनों के सवाल
जितेंद्र की आत्महत्या के समय दो अन्य युवक भी उसके साथ बताए जा रहे हैं। पिता ने सवाल उठाया कि उसके पास गन कहां से आई, जबकि उनकी अपनी बंदूक तो चुनाव के दौरान से ही पुलिस स्टेशन में जमा है।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद जब उन्होंने आरोपी हिमांशु से संपर्क कर धोखाधड़ी और रुपयों की हेराफेरी की बात कही तो वह साफ मुकर गया। आरोप है कि हिमांशु ने जितेंद्र से महंगे मोबाइल, मर्सिडीज कार, और लाखों रुपये ठग लिए थे। साथ ही उसके ऑफिस में भी करीब आठ लाख रुपये का काम कराया गया।
प्लॉट दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि हिमांशु ने एक प्लॉट के कागज ठीक कराने के नाम पर जितेंद्र से लाखों रुपये लिए। जब जितेंद्र ने पैसे लौटाने और एग्रीमेंट की बात की, तो आरोपी उस पर विश्वास का हवाला देकर टालता रहा। मृतक के पिता ने लक्ष्मीनगर, गाजियाबाद के एक अन्य युवक पर भी मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
डीएम और एसएसपी ने परिजनों से की मुलाकात
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पौड़ी जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सभी दोषियों पर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वीडियो में खुलासे
जितेंद्र द्वारा आत्महत्या से पहले पोस्ट किए गए वीडियो में कहा गया कि कुछ लोगों ने उसे आर्थिक रूप से ठगकर मानसिक रूप से इतना परेशान कर दिया कि उसने यह कदम उठाया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी हिमांशु चमोली सहित पांच लोगों को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। इन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आत्महत्या के लिए उकसाना, तथा साइबर अपराध की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
क्या था पूरा मामला?
मृतक जितेंद्र नेगी मूलतः पौड़ी का निवासी था। आत्महत्या से पूर्व उसने एक वीडियो में कुछ व्यक्तियों पर पैसों की ठगी और मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। वीडियो में उसने कहा कि वह लगातार दबाव और धोखाधड़ी से परेशान था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस और प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया।
जनता में आक्रोश, न्याय की उठी मांग
घटना के बाद आम जनता में आक्रोश है। सोशल मीडिया पर लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार को साइबर ठगी और आर्थिक अपराधों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जितेंद्र नेगी की आत्महत्या ने समाज, प्रशासन और राजनीतिक व्यवस्था को गहरे सोचने पर मजबूर कर दिया है। यह घटना युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव, धोखाधड़ी, और राजनीतिक संरक्षण में पनपते आर्थिक अपराधों को उजागर करती है। अब देखना यह है कि सरकार और प्रशासन पीड़ित परिवार को कितनी शीघ्रता और पारदर्शिता से न्याय दिला पाते हैं।








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