प्रमुख सचिव सुधांशु ने बताया कि आमजन की शिकायतों को देखते हुए अब रजिस्ट्रार कार्यालयों में तकनीकी अपग्रेडेशन के साथ-साथ विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यदि भविष्य में कोई गड़बड़ी होती है, तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही भी तय हो।
हाई टेक होगें प्रदेश के रजिस्ट्रार कार्यालय
गलती करने वालों की जिम्मेदारियों का भी होगा निर्धारण
सीएम के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने ठोस कदम उठाने के दिए निर्देश
देहरादून। उत्तराखंड में जमीन की रजिस्ट्रियों से जुड़े फर्जीवाड़े पर अब सख्त लगाम लगने वाली है। शासन स्तर पर इस गंभीर समस्या को लेकर उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रमुख सचिव वित्त और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने इस दिशा में ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। सरकार के इस कदम से भूमाफिया पर लगेगा अंकुश।
बैठक में तय किया गया कि राज्य में रजिस्ट्री प्रक्रिया को पारदर्शी और हाईटेक बनाया जाएगा ताकि एक ही जमीन को कई बार बेचना, कम जमीन को ज्यादा दिखाकर बेचना या गलत दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री जैसी धोखाधड़ी की घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके।
उन्होंने कहा कि कई अच्छे सुझाव सामने आए हैं, जिनके माध्यम से इस प्रकार की धोखाधड़ी पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। बहुत जल्द इसके लिए विधिवत आदेश जारी किए जाएंगे। ज्ञात हो कि वर्तमान में राज्य में एक ही जमीन को कई बार बेचने, उपलब्ध जमीन से अधिक दिखाकर बेचने और दस्तावेजों में हेरफेर कर रजिस्ट्री कराने जैसी शिकायतें आम होती जा रही थीं। इससे आम लोगों की जीवन भर की पूंजी तो समाप्त हो ही रही थी, साथ ही उन्हें कोर्ट-कचहरी और पुलिस के चक्कर भी लगाने पड़ते थे।
अब उम्मीद की जा रही है कि शासन की इस पहल से रजिस्ट्री फर्जीवाड़ा पूरी तरह खत्म होगा और आम लोगों को राहत मिलेगी।








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