देहरादून में सड़क खुदाई को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। अब रात में खुदाई करने पर सुबह तक सड़क भरकर चलने लायक बनाना अनिवार्य होगा। 10 विभागों के 85 कार्यों को सशर्त अनुमति दी गई है। नियम तोड़ने पर एफआईआर तक की कार्रवाई हो सकती है।
देहरादून शहर में सड़कों की लगातार हो रही खुदाई और उससे बढ़ रही लोगों की परेशानी को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब सड़क पर रात में यदि खुदाई की जाती है, तो उसे हर हाल में सुबह तक चलने लायक बनाना अनिवार्य होगा। नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित विभाग और एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने 10 विभागों और संस्थानों के कुल 85 कार्यों पर विचार-विमर्श किया, जिनमें 63 नए और 22 पुराने कार्य शामिल हैं। इन सभी कार्यों को सशर्त अनुमति दी गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्रिसमस और नए साल के त्योहारों को देखते हुए दो जनवरी से पहले किसी भी प्रकार की सड़क खुदाई की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके बाद भी काम केवल तय मानकों और समयसीमा के भीतर ही किए जा सकेंगे।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि शहर में बार-बार खुदाई से यातायात बाधित होता है और आम लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि एक ही सड़क को बार-बार खोदने की नौबत न आए। सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता पर प्रशासन की क्यूआरटी (क्विक रिस्पॉन्स टीम) लगातार निगरानी करेगी।
जल संस्थान, यूपीसीएल, यूयूएसडीए, एडीबी, टाटा, वोडाफोन, एयरटेल सहित 10 विभागों ने विभिन्न सड़क कार्यों की अनुमति मांगी थी। इन विभागों से साफ कहा गया है कि सड़क कटिंग और खुदाई का काम केवल रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच ही किया जाएगा। मुख्य मार्गों पर दिन में खुदाई की अनुमति नहीं होगी, जबकि आंतरिक मार्गों पर ही सीमित समय के लिए काम करने की इजाजत दी गई है। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिए हैं कि खुदाई वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग, साइनबोर्ड और सुरक्षा इंतजाम अनिवार्य होंगे। यदि कोई एजेंसी खुदाई के बाद सड़क को ठीक से नहीं भरती या सुबह तक सड़क को चलने लायक नहीं बनाती है, तो उस पर प्राथमिकी तक दर्ज की जा सकती है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिन परियोजनाओं का काम पूरा हो चुका है, वहां तत्काल सड़क को पूर्व स्थिति में लाया जाए। विभागों को आपस में समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में एडीएम कुमकुम जोशी, लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ओमपाल सिंह, उप नगर आयुक्त संतोष पांडेय और वरिष्ठ ट्रैफिक अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन का मानना है कि इन सख्त नियमों से शहर की सड़कों की हालत सुधरेगी और आम जनता को राहत मिलेगी।








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