Home उत्तराखंड न्यूज़ वेतन को लेकर राज्य कर्मचारियों को उत्तराखंड कैबिनेट ने दी बड़ी राहत
उत्तराखंड न्यूज़देहरादून

वेतन को लेकर राज्य कर्मचारियों को उत्तराखंड कैबिनेट ने दी बड़ी राहत

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में कैबिनेट के समक्ष 18 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 17 को मंजूर कर लिया गया। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों को अनुदान दिए जाने को लेकर कैबिनेट में चर्चा के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है।

राज्य कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उत्तराखंड कैबिनेट ने कोरोना संक्रमण के चलते की जा रही एक दिन की वेतन कटौती वापस ले ली है। कैबिनेट ने फैसला किया है कि अब सिर्फ मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक, आईएएस, आईपीएस और आईएफएस अधिकारियों के वेतन से ही कटौती की जाएगी। पूर्व की व्यवस्था के अनुसार एक साल तक इन सभी का एक-एक दिन का वेतन काटा जाएगा। शेष कर्मचारियों की वेतन कटौती खत्म कर दी गई है।

यह भी पढ़ें – उत्तराखंड में पहली नवंबर से खुलेंगे स्कूल, त्रिवेंद्र सिंह कैबिनेट का बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में कैबिनेट के समक्ष 18 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 17 को मंजूर कर लिया गया। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों को अनुदान दिए जाने को लेकर कैबिनेट में चर्चा के बाद मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है।

कैबिनेट ने हिमालय गढ़वाल विश्वविद्यालय 2016 संशोधन प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। अब इसका नाम अटल बिहारी वाजपेयी हिमालयन गढ़वाल विश्वविद्यालय होगा।

कैबिनेट के अन्य फैसले

-आबकारी विभाग में मदिरा की बिक्री के लिए ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली होगी शुरू।

-उद्योग विभाग की सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी।

-उत्तराखंड पुलिस आर मोहरीर संशोधन नियमावली संशोधन 2020 में संशोधन।

-उत्तराखंड नागरिक सुरक्षा चयन नियमावली में संशोधन।

-उत्तराखंड नागरिक सुरक्षा अधीनस्थ चयन आयोग नियमावली में संशोधन।

-राजकीय महाविद्यालय में छात्र निधि का समुचित उपयोग और प्रबंधन के लिए नियमावली।

– पिरुल नीति के तहत पिरुल इकट्ठा करने पर पहले एक रुपये प्रति किलो का दाम तय है, जिसे अब 2 रुपये किया गया।

– वर्ग 4 भूमि और वर्ग 3 की भूमि को लेकर साल 2016 में कमेटी बनी थी, जिसके बाद फिर कुछ कमेटी बनी थी। अब वर्ग 3 की भूमि 132 धारा के तहत ना ही रेगुलाइज होगी, ना ही मालिकाना हक दिया जाएगा।

-1983 और उससे पहले से कब्जे धारी को 2004 के तहत पढ़ने वाली सर्किल रेट का मात्र 5 फीसद देना होगा।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

उत्तराखंड के अनुपूरक बजट में ₹7,844 करोड़ का प्रावधान, कुंभ से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर

उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में बुनियादी सुविधाओं,...

उत्तराखंड में अब गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा में भी प्रसारित होगी ‘मन की बात’

उत्तराखंड की लोकभाषाओं, संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने की दिशा में...

देहरादून: छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में शिक्षक निलंबित, FIR दर्ज

राजधानी देहरादून के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में छात्रा के साथ कथित...