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राली तहसील मुख्यालय के पास सड़क पर आए मलबे के कारण यहां वाहन फंस गए। लोनिवि ने सड़क पर मलबा हटाने का काम शुरू किया। जबकि थराली में रविवार की रात को हुई भारी बारिश से कई सडके बंद। ब्लॉक मुख्यालय, इंटर कॉलेज, और डूंगरी को जाने वाली सड़क सिपाही गदेरे में मलबा आने से बंद है। थराली में कल रात से बिजली भी गुल रही। देवाल- थराली सड़क सुबह सात बजे खुली जबकि नंदकेशरी में रविवार शाम साढ़े सात बजे मलबे से सड़क बंद थी।
मुख्यमंत्री धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिए कि आपदा से संबंधित सूचनाओं से उन्हें भी अविलम्ब अवगत कराया जाए। साथ ही शासन के उच्चाधिकारियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए जाने को कहा ताकि आपदा राहत कार्यों में त्वरित कार्यवाही की जा सके।
हिमालयन रेंज में दरकते पहाड़ों को लेकर लगातार चिंता बढ़ रही है। बादलों का फटना हो या भूस्खलन। पहाड़ों पर मानसून आपदा का मौसम बन जाता है। हाल ही में उत्तराखंड के चमोली, पिथौरागढ़ समेत सभी पर्वतीय इलाकों, हिमाचल के किन्नौर और धर्मशाला से आई तस्वीरों ने साफ कर दिया है कि प्रकृति अब बेलगाम छेड़छाड़ को बख्शने वाली नहीं है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या इस तरह की आपदाओं को किसी तरह रोका जा सकता है? क्या विज्ञान के पास इनके जवाब हैं? क्या भूस्खलन, बाढ़ और बादल फटने की घटनाओं को तकनीक की मदद से टाला जा सकता है?
भारी बारिश के बीच चकराता में बादल फटने की घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य लापता हैं। ऐसी सूचना भी मिल रही है कि लामबगड़ में ग्लेश्यिर टूटा गया है। उधर, बदरीनाथ में लामबगड़ में खचड़ा नाले के उफान पर आने से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग 7 का 50 मीटर का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
रुद्रप्रयाग जिले के ऊखीमठ ब्लॉक में गौरीकुंड हाईवे पर रामपुर बाजार में जोरदार बारिश के बाद मलबा आ गया। गौरीकुंड हाईवे भीरी और बांसवाड़ा के बीच बाधित हो गया है। चमोली जिले के पोखरी में घरों में मलबा घुस गया।
उत्तराखंड का पिथौरागढ़ जिला भूस्खलन की सबसे ज्यादा मार झेल रहा है। पिछले एक महीने में कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। ताजा घटना में 24 घंटे बीतने के बाद भी भूस्खलन के मलबे में दबी महिला का कोई पता नहीं चल सका है।



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राली तहसील मुख्यालय के पास सड़क पर आए मलबे के कारण यहां वाहन फंस गए। लोनिवि ने सड़क पर मलबा हटाने का काम शुरू किया। जबकि थराली में रविवार की रात को हुई भारी बारिश से कई सडके बंद। ब्लॉक मुख्यालय, इंटर कॉलेज, और डूंगरी को जाने वाली सड़क सिपाही गदेरे में मलबा आने से बंद है। थराली में कल रात से बिजली भी गुल रही। देवाल- थराली सड़क सुबह सात बजे खुली जबकि नंदकेशरी में रविवार शाम साढ़े सात बजे मलबे से सड़क बंद थी।
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मुख्यमंत्री धामी ने सचिव आपदा प्रबंधन को निर्देश दिए कि आपदा से संबंधित सूचनाओं से उन्हें भी अविलम्ब अवगत कराया जाए। साथ ही शासन के उच्चाधिकारियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाए जाने को कहा ताकि आपदा राहत कार्यों में त्वरित कार्यवाही की जा सके।
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