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पीएम मोदी ने कहा कि उत्तराखंड जितनी ऊंचाई पर है, उससे ज्यादा ऊंचाई हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि 21वीं शताब्दी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होने वाला है। उत्तराखंड के तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। इसी का नतीजा है कि चारधाम यात्रा आने वाले भक्तों की संख्या लगातार रिकॉर्ड बढ़ रही है। अगर कोरोना नहीं होता तो यह और भी ज्यादा होती।
READ MOREपीएम नरेंद्र मोदी ने सीमा पर तैनात सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने हर बार जवानों के साथ दिवाली मनाई क्योंकि देश के जवान ही उनका परिवार हैं। उन्होंने लोगों से दिवाली पर एक दीया जवानों के शौर्य को समर्पित कर जलाने की अपील की।
READ MOREमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बाबा केदार के प्रति विशेष आस्था और श्रद्धा है। उनका उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर विकसित करने का विजन है। आधुनिक इतिहास में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। पहले चरण के काम हो चुके हैं। दूसरे चरण के काम शुरू हो रहे हैं।
READ MOREयह खास कार्यक्रम आदि गुरु शंकराचार्य के पूरे भारत भ्रमण भ्रमण को लेकर है। जहां-जहां आदि गुरु शंकराचार्य गए थे, वहां के मंदिरों में साधु-संतों को खासतौर से न्योता दिया गया है। इसके अलावा सभी ज्योतिर्लिंग और उत्तराखंड के चार धाम में खास सजावट की जा रही है।
READ MOREइस ग्रोथ सेंटर में काम करने वाली महिलाओं ने बताया कि इसके चलते वे घर से बाहर निकलकर नया काम सीख रही हैं। कहा जाता था कि लाइट्स बनाने का काम पुरुषों का होता है लेकिन जब हमने इसे बनाने की ट्रेनिंग ली तो यह पता चला कि यह काम कोई भी कर सकता है। हम बिजली के काम करने से डरते थे लेकिन अब हम इस काम को बड़े आसानी से कर रहे हैं। हम यहां चार से पांच घंटे काम करते हैं।
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हर्षिल की जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को क्षेत्रवासियों के जबरदस्त उत्साह के दर्शन भी हुए। कार्यक्रम में कई बार मोदी-मोदी के नारे गूंजे। इस पर प्रधानमंत्री कई बार मुस्कराए। कई बार उन्होंने विनम्रता से हाथ जोड़ लिए। पारंपरिक परिधान और टोपी पहने प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कई आंचलिक शब्दों का इस्तेमाल भी किया।
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उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों के लिए नमामि गंगे प्रोजेक्ट बेहद अहम है. इसमें उद्गम स्थल वाले उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्य शामिल हैं. इन पांच राज्यों में नमामि गंगे प्रोजेक्ट के जरिए गंगा को स्वच्छ करने के पिछले कई सालों से प्रयास चल रहे हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक 30 दिसंबर को करने जा रहे हैं.
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