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उत्तराखंड की खूबसूरती उत्तराखंड के पहाड़, जंगल, नदियां और यहां की संस्कृति, विरासत और तीर्थ स्थलों से मानी जाती है। यहां के पहाड़ो की ठंडी ठंडी हवा नई ताज़गी का एहसास करवाती है। कई लोग पहाड़ के इस सौंदर्य और ताज़गी भरी हवा को पाने पहाड़ पहुँचते है।
READ MOREसारी मनोकामनाएं पूर्ण करती है कालिमठ में बसी माँ काली। रुद्रप्रयाग में बसे इस मंदिर में मांगी गई सारी मुरादे पूरी होती है। दुर दूर से लोग यहां दर्शन करने पहुंचते है। उत्तराखंड एक ऐसा राज्य है जो देवभूमि के नाम से विख्यात हैं। जहां
READ MOREमुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने निर्देश दिये कि शासन-प्रशासन के निचले स्तर तक गुड गवर्नेंस दिखनी चाहिए। प्रशासनिक अधिकारी अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक जाकर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
READ MOREयूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर, महायोगी गुरु गोरखनाथ महाविद्यालय बिथ्याणी परिसर में अपने गुरु अवैद्यनाथ की प्रतिमा का करेंगे अनावरण।
READ MORE23 अप्रैल 1930 को स्वाधीनता आंदोलन के दौरान पेशावर में जब पठान लोग आंदोलन कर रहे थे तब अंग्रेज अफसर रिकेट ने हुक्म दिया, “गढ़वाली श्री राउंड फायर”, अर्थात् गढ़वाली तीन राउंड गोली चलाओ। हवलदार चन्द्र सिंह रिकेट की बायीं ओर खड़े थे।
READ MOREतुंगनाथ मन्दिर के कपाट 6 मई तथा श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट 19 मई को खुलेंगे। इस बात की जानकारी कार्याधिकारी श्री केदारनाथ मंदिर समिति ने दी। उन्होंने बताया कि यात्राकाल 2022 को श्री तुंगनाथ मन्दिर के कपाट दिनांक 6 मई, 2022 को अपराह्न 12 बजे कर्क लग्न में खोले जायेगें। 3 व 4 मई, 2022 को श्री तुंगनाथ की डोली मक्कूमठ मन्दिर गर्भगृह से बाहर आकर श्री भूतनाथ मंदिर में रात्रि अवस्थान करेगी।
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मधुमक्खी सिर्फ शहद नहीं देती, वह हमारे पूरे पर्यावरण की रक्षक है। लगभग 75 प्रतिशत खाद्य फसलों का परागण मधुमक्खियों के माध्यम से होता है। यदि मधुमक्खियां सुरक्षित रहेंगी तो पहाड़, कृषि और जैव विविधता सभी सुरक्षित रहेंगे। हर युवा को मधुमक्खी संरक्षण को पर्यावरण संरक्षण का मिशन बनाना चाहिए।
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2000 से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद, दवा के लिए दिनभर भटकते रहे मरीज और तीमारदार, देहरादून समेत पूरे प्रदेश में बुधवार को दवा कारोबारियों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के विरोध में उत्तरांचल औषधि व्यवसायी महासंघ के आह्वान पर राजधानी दून, विकासनगर, मसूरी और श्रीनगर गढ़वाल सहित कई क्षेत्रों में मेडिकल स्टोर बंद रहे। अचानक बंद हुई दवा दुकानों के कारण मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई लोग जरूरी दवाइयों के लिए अस्पतालों और बाजारों में घंटों भटकते रहे।
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