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घोड़ा-खच्चर और डंडी-कंडी से यमुनोत्री जाने वाले यात्री को 60 मिनट में दर्शन कर लौटना होगा। ऐसा नहीं होने पर संचालक बिना यात्री को लिए ही वापस आ जाएंगे। डीएम के आदेश के अनुसार जानकीचट्टी से यमुनोत्री एवं यमुनोत्री से जानकीचट्टी आने-जाने वाले घोड़े-खच्चरों की संख्या अधिकतम 800 तय की गई है।
READ MOREपंच केदार में चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट आज सुबह 5:00 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मंदिर के कपाट खुलते ही मौके पर करीब 200 तीर्थ यात्रियों ने भगवान रुद्रनाथ के दर्शन किए। मुख्य पुजारी वेद प्रकाश भट्ट ने भगवान रुद्रनाथ का जलाभिषेक किया।
READ MOREगंगोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव गंगनानी में व्यापारियों में पुलिस के वनवे-गेटवे सिस्टम के खिलाफ भारी आक्रोश है। गंगनानी के व्यापारियों ने शुक्रवार को गेटवे सिस्टम के खिलाफ अपनी दुकानें और प्रतिष्ठान बंद कर दिए हैं।
READ MOREचारधाम यात्रा का पंजीकरण 15 और 16 मई को दो दिन के लिए रहेगा बंद। शासन से प्राप्त निर्देशों के क्रम में जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुरेश यादव ने बताया कि 15 और 16 मई को चारधाम यात्रा पंजीकरण बंद रहेगा।
READ MOREउत्तराखंड देवभूमि में कई रहस्य देखने को मिलते है। जिनके बारे में कई कहानियां हमने बचपन से सुनी, पढ़ी हुई है। ऐसी ही एक रहस्यमई जगह उत्तराखंड के टिहरी में स्थिति है जिसका नाम है खैन्ट पर्वत। खैन्ट पर्वत परियों के देश के नाम से जाना जाता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या सच में इस पर्वत पर परियां निवास करती है ?
READ MOREआज सुबह शुभ मुहूर्त पर भगवान बद्रीविशाल के कपाट श्रद्धालुओं लिए खुले। उत्तराखंड की चारधाम की यात्रा का का विधिवत शुभारम्भ। उद्धव और कुबेर हुए बद्रीनाथ गर्भगृह में विराजमान हुए।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनजातीय समुदायों के योगदान को सम्मानित करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम को प्रतिवर्ष आयोजित करने की घोषणा की गई थी। यह पहल जनजातीय विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
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मौसम विज्ञान केंद्र के निर्देशक विक्रम सिंह के अनुसार जारी अलर्ट को देखते हुए 27, 29 और 2 और 3 जुलाई को भारी से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 30 जून, 1 और 2 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। विक्रम सिंह ने कहा कि प्रदेश में इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। इस दौरान भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में मलबा और पत्थरों के गिरने के आशंका भी है।
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