ध्वजारोहण समारोह से ‘अयोध्या ब्रांड’ को मिली वैश्विक पहचान

ध्वजारोहण समारोह से ‘अयोध्या ब्रांड’ को मिली वैश्विक पहचान

अयोध्या में 25 नवम्बर को श्रीराम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम सफलता पूर्वक संपन्न हो गया। इसके साथ ही मंदिर का निर्माण का काम भी समाप्त हो गया। मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ जायेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासवादी नीतियों की वजह से ‘अयोध्या ब्रांड’ की चर्चा विश्व में हो रही है। श्रीराम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद अयोध्या के वैभव और विकास से लोग आश्चर्यचकित हैं। पर्यटन, निवेश और आधारभूत संरचना के मामले में अयोध्या ने विश्व के अन्य चर्चित धार्मिक स्थलों को भी पीछे छोड़ दिया है।

विश्व में ‘अयोध्या ब्रांड’ का डंका

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था और आध्यात्मिक स्थलों को आर्थिक केंद्र के रूप में भी विकसित करने का जो बीड़ा उठाया है, अयोध्या उसमें मील का पत्थर साबित हो रहा है। सनातनी आस्था के केंद्र अब वैश्वक ब्रांड के रूप में उभर रहे हैं। श्रीराम मंदिर बनने के बाद शहर में पर्यटकों की संख्या में 4 से 5 गुना तक वृद्धि हुई है। जनवरी-जून 2025 के बीच लगभग 23 करोड़ पर्यटक रामनगरी आ चुके हैं। अनुमान है कि इस साल के अंत तक करीब 50 करोड़ पर्यटक आएंगे।

विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित अयोध्या

अमेरिका, यूरोप, रूस इत्यादि देशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक रामनगरी आ रहे हैं। शहर की साफ सुथरी सड़के, प्रत्येक चौराहे पर संस्कृति और आध्यात्मिका को समेटे हुए कलाकृतियां, चमकते हुआ राम पथ और धर्म पथ, दिव्य और भव्य कुंड, प्राचीन मंदिर, विश्वस्तरीय हॉस्पिटैलिटी सुविधा, अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटल, आर्थिक विकास की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। अयोध्या के विकास की देन है कि जो होटल पहले सुनसान रहते थे वो अब 90 प्रतिशत फुल रहते हैं। छोटे से छोटा होटल भी प्रतिदिन 40 से 50 हजार तक की कमाई कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को उसका पुराना वैभव वापस दिलाया है।

अयोध्या का प्रदेश के जीएसडीपी में बड़ा योगदान

अयोध्या के विकास का सफर 2020 से प्रारंभ होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में अयोध्या के विकास से जुड़े सरकारी विभागों ने बड़ी गंभीरता से योजनाओं के क्रियान्वयन को अंजाम दिया। शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए व्यापक योजना तैयार की गई। शहर में सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, यातायात व्यवस्था, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, हवाई अड्डा जैसी मूलभूत सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया गया। अयोध्या में पर्यटकों की आमद बढ़ने से यहां की आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ी। आज अयोध्या यूपी के जीएसडीपी में लगभग 1.5 फीसद योगदान कर रही है। अनुमान है कि आने वाले कुछ वर्षों में अयोध्या का सालाना कारोबार लगभग 4 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा।

अयोध्या से वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य होगा हासिल

अयोध्या का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अयोध्या में फ्लाइट की संख्या 30 तक पहुंच चुकी है। हवाई अड्डे की क्षमता 6 लाख यात्रियों की है। देश के कोने-कोने से पर्यटक यहां आ रहे हैं। इसकी वजह से आर्थिक गतिविधियों में जोरदार उछाल आया है। इसी तरह से रेलवे स्टेशन को भी विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। बस स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को सुविधाएं मिल रही हैं। इस समय अयोध्या उत्तर प्रदेश का सबसे विकसित और सबसे ज्यादा पर्यटकों वाला धार्मिक केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2029 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने को लेकर दृढ़संकल्पित हैं। इस मिशन को प्राप्त करने में अयोध्या का बड़ा रोल रहने वाला है।

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