Home उत्तराखंड न्यूज़ देहरादून उत्तराखंड पुलिस के इन दो जांबाज अधिकारियों को मिला फिक्की स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड
देहरादूनउत्तराखंड न्यूज़

उत्तराखंड पुलिस के इन दो जांबाज अधिकारियों को मिला फिक्की स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड

IPS अफसर तृप्ति भट्ट ने कोरोना काल में एसडीआरएफ कमांडेंट रहते हुए कई उल्लेखनीय कार्य किए। उन्हें एक तेजतर्रार अफसर के रूप में पहचान मिली है। फिलहाल वह टिहरी में एसएसपी हैं। इसी तरह एसपी लोकजीत सिंह ने जरूरतमंदों की काफी मदद की। बताते हैं कि उनकी तबीयत खराब थी फिर भी वह दिन रात लोगों को मदद पहुंचाते रहे।

उत्तराखंड पुलिस के दो जांबाज पुलिस अफसरों को प्रतिष्ठित सम्मान मिला है। तृप्ति भट्ट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, टिहरी गढ़वाल और लोकजीत सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, सीआईडी को राष्ट्रीय स्तर के फिक्की स्मार्ट पुलिसिंग सम्मान 2020 के लिए चुना गया है। दोनों अधिकारियों को यह सम्मान 20 मार्च को वर्चुअल कांफ्रेन्स के माध्यम से दिया जाएगा।

पुलिस महानिदेशक, उत्तराखण्ड अशोक कुमार ने दोनों अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन आगे भी बेहतर पुलिसिंग में जारी रखने के लिए प्रेरित किया। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा हर साल पुलिसिंग में बेहतर कार्य करने पर यह सम्मान प्रदान किया जाता है।

भिक्षा नहीं, शिक्षा दें… गरीब और लाचार बच्चों के लिए उत्तराखंड पुलिस की अनोखी पहल

वर्ष 2020 में कोरोना काल और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए उत्तराखण्ड पुलिस के इन दो अधिकारियों चयन हुआ है। तृप्ति भट्ट को बतौर कमांडेंट एसडीआरएफ रहते हुए आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में जलदूत, फ्लड एंड डीप डाइविंग टीम का गठन समेत आपदा प्रबंधन में किए गए कई कार्यों के लिए स्मार्ट ज्यूरी अवार्ड 2020 और लोकजीत सिंह को कोरोना काल में देहरादून पुलिस अधीक्षक क्राइम/नोडल अधिकारी कोविड 19 कंट्रोल रूम रहते हुए आम लोगों की मदद और समन्वय के लिए तैयार किए गए इमरजेंसी रिस्पांस तंत्र के लिए फिक्की स्मार्ट पुलिसिंग अवॉर्ड 2020 प्रदान किया गया है।

प्रदेश के लोग सोशल मीडिया पर दोनों पुलिस अफसरों की प्रशंसा कर रहे हैं।

Written by
Hill Mail

हिल-मेल का प्रयास जनमानस की आवाज को सही स्तर तक पहुंचाना है। हमने कोशिश की है कि हिल-मेल पहाड़ से जुड़े जनमानस के बीच एक मंच और एक अभियान के रूप में आगे बढ़े। हिल-मेल प्रयत्न कर रहा है कि हिमालय के आंचल में रोजाना की घटने वाली सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, धार्मिक और दैवीय घटनाओं की जानकारी जल्दी से जल्दी लोगों को मिलती रहे।

Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

उत्तराखंड के अनुपूरक बजट में ₹7,844 करोड़ का प्रावधान, कुंभ से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य पर जोर

उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में बुनियादी सुविधाओं,...

उत्तराखंड में अब गढ़वाली और कुमाऊंनी भाषा में भी प्रसारित होगी ‘मन की बात’

उत्तराखंड की लोकभाषाओं, संस्कृति और परंपराओं को बढ़ावा देने की दिशा में...

देहरादून: छात्रा से छेड़छाड़ के आरोप में शिक्षक निलंबित, FIR दर्ज

राजधानी देहरादून के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में छात्रा के साथ कथित...