उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन अपने साढ़े आठ साल के कार्यकाल (2017–2025) की प्रमुख उपलब्धियों को सदन में प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने प्रदेश को अपराध मुक्त, भयमुक्त और निवेश-अनुकूल वातावरण में बदलने के प्रयासों को रेखांकित किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1947 से 2017 तक उत्तर प्रदेश अपराध और अराजकता की छवि के साथ पहचाना जाता था। लेकिन 2017 के बाद से, उनकी सरकार ने सुदृढ़ कानून-व्यवस्था के ज़रिए प्रदेश को सुरक्षित और विकसित राज्य के रूप में स्थापित किया है।
पुलिस बल को दी नई ताकत, रुके हुए प्रमोशन को फिर शुरू किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के कार्यकाल में 20 वर्षों तक पुलिसकर्मियों को पदोन्नति नहीं मिल पाई, जिससे विभाग में निराशा का माहौल था। योगी सरकार ने इस दिशा में निर्णायक कदम उठाते हुए कहा कि 2.19 लाख से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती की, 1.53 लाख से अधिक कर्मियों को प्रोन्नति प्रदान की और 54 पीएसी कंपनियों का पुनर्गठन किया, जिन्हें पहले समाप्त कर दिया गया था।
उन्होंने कहा कि इन इकाइयों को खत्म करना एक राजनीतिक और साम्प्रदायिक दृष्टिकोण का परिणाम था, जबकि उनकी सरकार ने इन्हें सुरक्षा दृष्टि से आवश्यक मानते हुए फिर से सक्रिय किया।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में तीन नई पुलिस बटालियन
योगी आदित्यनाथ ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा और सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में तीन नई महिला पुलिस बटालियन गठित की गई हैं। इनका नाम वीरांगना उदा देवी, वीरांगना झलकारी बाई और वीरांगना अवंतीबाई के नाम पर रखा गया है। यह पहल न केवल महिला पुलिसकर्मियों को सशक्त करती है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान का भी प्रतीक है।
ऑपरेशन कन्विक्शन: अपराधियों पर कसा शिकंजा
मुख्यमंत्री ने ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के माध्यम से अपराधियों को सजा दिलाने की सफलता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 1,04,718 अभियुक्त दोषी ठहराए गए, इनमें 70 को मृत्युदंड, 8,785 को आजीवन कारावास, और शेष को विभिन्न अवधियों की सजा मिली है। गैंगस्टर एक्ट के तहत 144.31 अरब रुपये की संपत्ति जब्त की गई। इस कार्रवाई ने संगठित अपराध को जड़ से हिलाने में प्रभावी भूमिका निभाई है।
अपराध दर में आई बड़ी गिरावट
मुख्यमंत्री ने अपराध में कमी के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि 2016 की तुलना में 15 जुलाई 2025 तक दर्ज मामलों में निम्नलिखित गिरावट दर्ज की गई है। डकैती में 94% कमी, लूट में 82% कमी, हत्या में 47% गिरावट, फिरौती के लिए अपहरण में 50% गिरावट, दहेज हत्या में 16%, बलात्कार में 50% तक की कमी आई है। उन्होंने कहा कि अपराधों की वैज्ञानिक जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की संख्या भी 4 से बढ़ाकर 12 कर दी गई है, जबकि 6 नई लैब्स निर्माणाधीन हैं।
‘नयी पहचान’ की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश ‘पहचान के संकट’ से जूझ रहा था, लेकिन अब यह देश का अग्रणी, कानून-संपन्न और विकासशील राज्य बन चुका है। उन्होंने इस परिवर्तन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन को देते हुए कहा कि ‘हमने कभी भेदभाव नहीं किया। ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना के साथ, राज्य को बुलेट ट्रेन की गति से आगे बढ़ाया है।’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संबोधन न केवल उनकी सरकार की कानून-व्यवस्था में सुदृढ़ता को दर्शाता है, बल्कि यह भी प्रमाणित करता है कि राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रशासनिक दृढ़ता से उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य को भी अपराध और असुरक्षा से मुक्त किया जा सकता है।








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