फेफड़ों में भर गया था कीचड़….. पढ़िए चमोली आपदा में 58 लोगों की मौत की वजह क्या थी

फेफड़ों में भर गया था कीचड़….. पढ़िए चमोली आपदा में 58 लोगों की मौत की वजह क्या थी

चमोली में तपोवन सुरंग और आसापास के इलाके लगातार राहत एवं बचाव कार्य जारी है। टनल के भीतर पानी भर गया है, जिसे पंप का इस्तेमाल कर निकाला जा रहा है। रैणी में अभी एक इलाका सर्च के लिए बाकी है। डिप्टी कमांडेंट एनडीआरएफ ने बताया है कि गौरीकुंड के पास कुछ कुत्ते देखे गए हैं तो वहां एक टीम भेजी गई है।

7 फरवरी को चमोली में आई आपदा में अब तक 58 शव बरामद किए जा चुके हैं। इस बीच, राज्य के चीफ मेडिकल ऑफिसर जीएस राणा ने बताया है कि ग्लेशियर टूटने से आई भीषण बाढ़ में जिन लोगों की जान गई है, उनके शरीर को काफी चोट पहुंची था और उनके फेफड़ों में पानी और कीचड़ भर गया था।

राणा ने मीडिया से बातचीत में जानकारी दी है कि 16 फरवरी तक 58 शवों का पोस्टमार्टम किया जा चुका है और मैंने रिपोर्ट देखी है। सभी की मौत शरीर पर काफी चोट लगने और उनके फेफड़ों में पानी के साथ-साथ कीचड़ भर जाने से हुई है।

7 फरवरी को चमोली में ग्लेशियर का बड़ा टुकड़ा टूटने से निचले इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई थी। इसने ऋषिगंगा में 13.2 एमडब्लू हाइडेल प्रोजेक्ट को नष्ट कर दिया और एनटीपीसी के 520 एमडब्लू धौलीगंगा हाइ़डेल प्रोजेक्ट को काफी नुकसान पहुंचाया।

SDRF के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल रिधिम अग्रवाल ने बताया है कि तपोवन टनल से निकाले गए सभी 11 शवों की पहचान कर ली गई है। उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक अब भी 146 लोग लापता है।

इस बीच प्रदेश के डीजीपी अशोक कुमार ने कहा है कि आखिरी लापता व्यक्ति के मिलने तक राहत एवं बचाव अभियान चलता रहेगा। इस अभियान में सेना के साथ आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और तमाम एजेंसियां जुटी हुई हैं।

2 comments
Hill Mail
ADMINISTRATOR
PROFILE

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked with *

2 Comments

विज्ञापन

[fvplayer id=”10″]

Latest Posts

Follow Us

Previous Next
Close
Test Caption
Test Description goes like this