हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो श्रीप्रकाश सिंह ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु से राष्ट्रपति भवन में शिष्टचार भेंट की। उन्होंने राष्ट्रपति को पुष्पगुच्छ और उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल रुद्रनाथ की तस्वीर भेंट कर कई अहम विषयों पर चर्चा की।
कुलपति प्रो. सिंह ने महामहिम को विश्वविद्यालय में आरंभ हो रहे नवीन शैक्षणिक सत्र की तैयारियों और अध्यापन कार्य की रूपरेखा से अवगत कराते हुए बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को विश्वविद्यालय में पूरी तरह से लागू किया जा चुका है, जिसके अंतर्गत लचीले पाठ्यक्रम, अंतरविषयीय अध्ययन और व्यावसायिक कौशलों का समावेश सुनिश्चित किया गया है।
उन्होंने राष्ट्रपति से चर्चा की कि विश्वविद्यालय ने एक वेलनेस सेंटर स्थापित करने की कल्पना की है जिससे आगंतुकों के लिए पर्वतीय संसाधनों पर आधारित स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है और जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेगें। वहीं इससे पारंपरिक चिकित्सा, योग, जड़ी बूटी आधारित उत्पादों और प्राकृतिक उपचारों को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय समुदाय को प्रत्यक्ष रूप से लाभ होगा। वहीं उन्होंने उत्तराखंड की सामाजिक-सांस्कृतिक सैनिक पृष्ठभूमि के मध्यनजर विश्वविद्यालय में अग्निवीरों के लिए एक विशेष प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू करने की जानकारी दी।
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु ने विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि शिक्षक, विद्यार्थी और शोधार्थी गांवों में जाकर स्थानीय लोगों के साथ समय बिताएं, उनके जीवन, आवश्यकताओं और अनुभवों को समझें। इससे जब वे भविष्य में सरकारी सेवा या अन्य क्षेत्रों में कार्यरत होंगे, तो उन्हें पलायन जैसी समस्याओं और ग्रामीण वास्तविकताओं की गहरी समझ होगी, जो उन्हें संवेदनशील और प्रभावी नेतृत्य प्रदान करने में सहायक होगी।
कुलपति प्रो श्रीप्रकाश सिंह ने महामहिम द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करते हुए उन्हें शीघ्र ही एक विस्तृत कार्य योजना के रूप में प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने महामहिम राष्ट्रपति से विश्वविद्यालय में होने वाले दीक्षांत समारोह की चर्चा की और आग्रह किया कि वे दीक्षांत समारोह में पधारें।
कुलपति प्रो सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह की तैयारियों को गति प्रदान की जाएगी और विश्वविद्यालय की विजिटर राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु को शीघ्र विधिवत आमन्त्रण पत्र प्रेषित किया जाएगा।








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