विश्वविद्यालय के चार दिवसीय किसान मेले का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह आज गांधी हाल में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान, निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. जितेन्द्र क्वात्रा, निदेशक शोध डॉ. सुभाष चन्द्र, कृषि महाविद्यालय के 1963 बैच के पूर्व छात्र डॉ. सुखचरन सिंह एवं प्रगतिशील कृषक गीतांजली भोज मंचासीन थे।
कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. जितेन्द्र क्वात्रा एवं उनकी टीम को 118वें अखिल भारतीय किसान मेले के सफल आयोजन हेतु बधाई देते हुए कहा कि इस किसान मेले की ऐतिहासिक सफलता के लिए सभी अधिष्ठाता, निदेशक, नियंत्रक, निदेशक प्रशासन एवं अनुश्रवण, संकाय सदस्य, सुरक्षा अधिकारी, विद्यार्थी एवं अनेकों कर्मियों का योगदान रहा है।
उन्होंने कहा कि पंतनगर विश्वविद्यालय सदैव किसानों की आय वृद्धि, सतत कृषि विकास और ग्रामीण समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध रहा है। किसान मेला केवल तकनीकी प्रदर्शन का मंच नहीं, बल्कि यह किसानों, वैज्ञानिकों और उद्योग जगत के बीच संवाद एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने का माध्यम है।

कुलपति ने किसानों से आग्रह किया कि वे पारंपरिक कृषि के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाएं तथा फसल विविधीकरण, जलवायु-स्मार्ट कृषि और मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान दें, ताकि कृषि को अधिक लाभकारी बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रदेश के लगभग 60 लाख किसानों के साथ-साथ देश के किसानों को भी वैज्ञानिक उपलब्धियों से लाभान्वित कर रहा है, क्योंकि यह देश का प्रथम कृषि विश्वविद्यालय है। इसीलिए इसका सुदृढ़ मूलभूत ढांचा, महत्वपूर्ण जिम्मेदारी और देशवासियों की अपेक्षाएँ, तीनों इससे जुड़ी हैं।
कुलपति ने सभी वैज्ञानिकों से पूरे तन-मन से योगदान देने का आह्वान किया और अंत में घोषणा की कि अगला किसान मेला चार दिनों के स्थान पर पांच दिनों का आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रगतिशील कृषक गीतांजली भोज एवं पूर्व छात्र डॉ. सुखचरन सिंह ने अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. जितेन्द्र क्वात्रा ने सभी उपस्थितजनों का स्वागत किया और चार दिवसीय 118वें किसान मेले के आयोजन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मेले में 575 स्टॉल लगाए गए और ₹1 करोड़ 45 लाख मूल्य के बीजों की बिक्री हुई। मेले में 37,800 पंजीकृत एवं अपंजीकृत किसानों ने भ्रमण किया।

मुख्य अतिथि द्वारा सर्वोत्तम स्टॉल के लिए मैसर्स जय गुरुदेव इंडस्ट्रीज, रुद्रपुर तथा सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए मैसर्स जसवंत एग्रीकल्चर वर्क्स, पंजाब को प्रमाणपत्र देकर पुरस्कृत किया गया। महिला क्लब, पंतनगर को ‘बेस्ट समूह’ का पुरस्कार प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त किसान मेले में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं स्टॉलों के विजेताओं को भी प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान किए गए।
मेले में लगी उद्यान प्रदर्शनी में सर्वाधिक 39 पुरस्कार (25 प्रथम एवं 14 द्वितीय) प्राप्त करने पर उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था, पत्थरचट्टा के प्रतिनिधि को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं शाक-भाजी, गमले में अलंकृत पौधे एवं परिरक्षित पदार्थ प्रदर्शनी में कुल 27 पुरस्कार (9 प्रथम एवं 18 द्वितीय) प्राप्त करने पर फार्म अधीक्षक, उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था, पत्थरचट्टा के प्रतिनिधि को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इसके अतिरिक्त, विश्वविद्यालय तथा अन्य सरकारी संस्थानों के स्टॉलों को भी उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर पुरस्कृत किया गया। साथ ही, मेले में लगाए गए विभिन्न वर्गों के निजी एवं सहकारी संस्थानों के स्टॉलों को भी उनके प्रदर्शन और बिक्री के आधार पर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रथम महिला एवं महिला क्लब की अध्यक्षा बीना चौहान ने कहा कि किसान मेले में क्लब द्वारा अर्जित धनराशि का उपयोग सामाजिक उत्थान के लिए चैरिटी के रूप में किया जाता है। अंत में डॉ. सुभाष चन्द्र, निदेशक शोध ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।








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