अल्मोड़ा में क्वारंटीन सेंटर बने स्कूल की तस्वीर देखिए, प्रवासियों ने खूबसूरती में लगाए चार चांद

अल्मोड़ा में क्वारंटीन सेंटर बने स्कूल की तस्वीर देखिए, प्रवासियों ने खूबसूरती में लगाए चार चांद

शहरों से लौट रहे प्रवासियों को क्वारंटीन किए जाने की सरकार ने व्यवस्था कर रखी है, जिससे अगर उनमें कोरोना का संक्रमण होता है तो वह अन्य लोगों में न फैल सके और उनका उपचार भी कराया जा सके। लेकिन देश के कई शहरों से ऐसी खबरें आई जिससे लोगों को काफी दुख हुआ पर अल्मोड़ा की यह तस्वीर प्रेरक है।

क्वारंटीन सेंटर में तोड़फोड़ या ऐसी दूसरी किसी घटना के बारे में जानकर आपको जरूर दुख हुआ होगा लेकिन उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के एक क्वारंटीन सेंटर की कहानी बिल्कुल अलग है। तस्वीर ऐसी जिसे आप अपने कंप्यूटर का वॉलपेपर बनाना चाहेंगे। जी हां, यह मनमोहक दृश्य अल्मोड़ा जिले के विकास खंड धौला देवी के गांव बजेला में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय का है।

यहां पहुंचने के लिए आपको अल्मोड़ा जिला मुख्यालय से 50 किमी सड़क मार्ग और 6 किमी पैदल चलकर आना होता है। यह अति दुर्गम क्षेत्र का विद्यालय है। सहायक अध्यापक भाष्कर जोशी ने ‘हिल मेल’ को बताया कि विद्यालय को क्वारंटीन सेंटर बनाया गया है। यहां शहरों से आए चार युवक रुके लेकिन उन्होंने स्कूल की खूबसूरती में कहीं दाग भी नहीं लगने दिया।

बरामदे में लगे गमले को उसी तरह व्यवस्थित रखा जैसे पहले थे। सुबह उठकर वे रोज गमलों में पानी डालते थे और साफ-सफाई करने में जुट जाते थे। भाष्कर जोशी ने बताया कि लॉकडाउन के कारण विद्यालय लगभग 2 महीने से बंद था। ऐसे में इन प्रवासी भाइयों ने काफी साफ-सफाई कर उसे फिर से चमका दिया।

स्कूल में किचन गार्डन भी है, जिसकी प्रवासियों ने देखरेख की। इनके गांव का ही विद्यालय है और इसलिए उनका यह व्यवहार सबके दिलों को छू गया। प्रवासियों के मन में भाव यह था कि जब वह जाएं तो कुछ ऐसा करें जिसे लोग याद रखें। जाते समय उन्होंने अपने स्तर पर कमरों को सैनिटाइज भी किया। आसपास के लोगों ने यहां रुके लोगों की काफी प्रशंसा की।

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