जम्मू-कश्मीर के बारामुला में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की गोलाबारी में शहीद हुए ऋषिकेश के लाल शहीद राकेश डोभाल को समूचे उत्तराखंड ने सोमवार को भावभीनी विदाई दी। पूर्णानंद घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ बीएसएफ के शहीद सब इंस्पेक्टर राकेश डोभाल का अंतिम संस्कार किया गया। 39 वर्षीय राकेश डोभाल 2004 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे।

बीएसएफ की तोपखाना यूनिट में तैनात राकेश डोभाल शुक्रवार को पाकिस्तान की ओर से की गई गोलाबारी में शहीद हो गए थे। सोमवार सुबह आठ बजे बीएसएफ के जवान शहीद राकेश डोभाल के पार्थिव शरीर को लेकर उनके गंगा नगर गणेश विहार स्थित आवास पहुंचे। शहीद के घर पर सुबह से ही परिजनों और आसपास के नागरिकों की भारी भीड़ थी।
शहीद का पार्थिव शरीर घर पर पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। शहीद बेटे का पार्थिव शरीर देखकर मां विमला देवी और पत्नी संतोषी बेसुध हो गई। शहीद राकेश डोभाल को 10 वर्षीय बेटी मौली ने जय हिंद का नारा लगाकर सैल्यूट किया। कुछ देर के लिए शहीद का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए घर पर ही रखा गया। उत्तराखंड सरकार में शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे शहीद राकेश डोभाल को श्रद्धांजलि देने उनके घर पहुंचे और शहीद की पार्थिव देह को कंधा दिया। इस दौरान ऋषिकेश की मेयर अनीता ममगाईं भी मौजूद थीं।


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