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उत्तराखंड की लोक आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा का सबसे विराट प्रतीक मानी जाने वाली मां नंदा देवी की पवित्र यात्रा को लेकर लंबे समय से चल रहा संशय अब लगभग समाप्त हो गया है। कुरूड़ मंदिर समिति ने आधिकारिक रूप से वर्ष 2026 में आयोजित होने वाली “नंदा देवी बड़ी जात यात्रा” की घोषणा करते हुए इसका पूरा 21 दिवसीय यात्रा कार्यक्रम जारी कर दिया है। यह ऐतिहासिक और आस्था से जुड़ी यात्रा आगामी 5 सितंबर 2026 से सिद्धपीठ कुरूड़ मंदिर से आरंभ होगी। मां नंदा देवी की कैलाश प्रस्थान यात्रा के रूप में आयोजित होने वाली यह यात्रा उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है।
READ MOREउत्तराखंड की ऊंची हिमालयी वादियों में स्थित पवित्र श्री हेमकुंड साहिब की यात्रा 2026 को लेकर तैयारियां अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। बर्फबारी और दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद प्रशासन, सेना और गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी मिलकर युद्धस्तर पर काम कर रहे हैं, ताकि 23 मई से शुरू होने वाली इस विश्व प्रसिद्ध यात्रा को सफल, सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।
READ MOREउत्तराखंड की पवित्र पंच केदार श्रृंखला में चतुर्थ केदार के रूप में प्रसिद्ध रुद्रनाथ मंदिर के कपाट 18 मई 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। हिमालय की गोद में बसे इस दिव्य धाम के कपाट खुलने का क्षण हर वर्ष भक्तों के लिए अत्यंत खास और आध्यात्मिक ऊर्जा से भरपूर होता है। इस वर्ष भी कपाट खुलने से पहले परंपराओं और विधि-विधान के साथ डोली यात्रा का आयोजन किया जाएगा, जो आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है।
READ MOREउत्तराखंड के पवित्र धाम बद्रीनाथ मंदिर को हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। यह चारधाम यात्रा का एक प्रमुख केंद्र है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस मंदिर की सबसे विशेष परंपराओं में से एक है इसके मुख्य पुजारी, जिन्हें “रावल” कहा जाता है।
READ MOREहिमालय की गोद में बसे बदरीनाथ धाम को भारत के चार प्रमुख धामों में विशेष स्थान प्राप्त है। यह केवल आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक भी है। यहां की सबसे अनोखी परम्पराओं में से एक है—मुख्य पुजारी, जिन्हें ‘रावल’ कहा जाता है, उनका केरल के नम्बूदरी ब्राह्मण समुदाय से होना।
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पौड़ी गढ़वाल के निवासी और वर्तमान में दिल्ली में रह रहे अनुराग रावत ने सेरेब्रल पाल्सी जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति के बावजूद नीति घाटी की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में इस कठिन दौड़ को सफलतापूर्वक पूरा किया।
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भारत-तिब्बत सीमा से सटे उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्र नीती घाटी में रविवार को रोमांच, साहस और फिटनेस का अनूठा संगम देखने को मिला। पर्यटन विभाग, आईटीबीपी और भारतीय सेना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन-2026” का रंगारंग शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्देश्य उच्च हिमालयी क्षेत्रों में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना, सीमांत गांवों की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाना और युवाओं में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
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