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महासू देवता मंदिर उत्तराखंड के जौनसार-बावर क्षेत्र की आस्था, परंपरा और न्याय व्यवस्था का एक अनोखा प्रतीक है। देहरादून जिले के हनोल गांव में स्थित यह मंदिर टौंस (टनस) नदी के तट पर बसा हुआ है, जो इसकी सुंदरता को और बढ़ा देता है।
READ MOREउत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था एक गंभीर चुनौती का सामना कर रही है। विशेषकर अशासकीय (गैर-सरकारी सहायता प्राप्त) विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी अब एक बड़े संकट के रूप में उभर चुकी है। राज्य के सैकड़ों विद्यालय ऐसे हैं जहां वर्षों से शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, जिसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई और उनके भविष्य पर पड़ रहा है।
READ MOREउत्तराखंड में राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की स्थापना का मामला पिछले छह वर्षों से अधर में लटका हुआ है। 2019 में मंत्रिमंडल द्वारा रानीपोखरी में इसकी स्थापना का निर्णय लिया गया था, लेकिन आज तक जमीन पर कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आती।
READ MOREदेहरादून से मसूरी को जोड़ने वाला दून-मसूरी मार्ग एक बार फिर अपने पुराने दर्द-ट्रैफिक जाम से जूझ रहा है। हर साल की तरह इस बार भी वीकेंड और पर्यटन सीजन की शुरुआत होते ही सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है, जिससे लंबा जाम अब आम स्थिति बन चुकी है।
READ MOREदेहरादून के योगेश बिष्ट एक प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी करते हैं, लेकिन उन्होंने सिर्फ नौकरी तक खुद को सीमित नहीं रखा। पढ़ने-पढ़ाने के शौक ने उन्हें “किताब वाला दोस्त” नाम की एक अनोखी पहल शुरू करने के लिए प्रेरित किया।
READ MOREउत्तराखंड सरकार ने आयुर्वेद के क्षेत्र में एक बड़ा और सराहनीय कदम उठाते हुए आयुर्वेद फार्मासिस्ट कोर्स में प्रवेश की अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 42 वर्ष कर दी है। इस निर्णय से लंबे समय से इस क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे हजारों अभ्यर्थियों को नई उम्मीद मिली है।
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सावन के पावन महीने में शिवभक्तों की आस्था के प्रमुख केंद्र नीलकंठ श्रावण कांवड़ मेले को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम बनाने के लिए इस बार व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पूरे मेला क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी करीब 1,200 पुलिस, पीएसी, होमगार्ड और पीआरडी जवानों के कंधों पर होगी। पुलिस का दावा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी टीमें तैयार रहेंगी।
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उत्तराखंड में सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। प्रदेश में शिक्षकों के 1,500 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इनमें प्रवक्ता के 808 पदों पर भर्ती प्रक्रिया पहले से चल रही है, जबकि प्रारंभिक शिक्षा में सहायक अध्यापक के 250 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। इसके अलावा सहायक अध्यापक एलटी के 450 से अधिक पद भी रिक्त हैं। इन पदों को भरने के लिए जल्द ही उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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